कोण्डागांव बाईपास पर वनोपज और लकड़ी की तस्करी बढ़ी, वन विभाग खामोश…

बाईपास बना तस्करों का सुरक्षित रास्ता, वन विभाग की जांच व्यवस्था सवालों के घेरे में
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
जिला मुख्यालय में बाईपास सड़क का निर्माण होने के बावजूद वन विभाग की वनोपज एवं इमारती लकड़ी की जांच व्यवस्था आज भी पुराने मुख्य मार्ग NH-30 और शहर के भीतर ही संचालित हो रही है। इस व्यवस्था का सीधा लाभ तस्करों को मिल रहा है, जो बाईपास मार्ग से बिना किसी रोक-टोक के वनोपज और इमारती लकड़ी रायपुर की ओर ले जा रहे हैं।

नाके पर केवल गिने-चुने वाहनों की ही जांच की जाती है, वह भी उन्हीं की जिनके पास पहले से वैध दस्तावेज होते हैं, जबकि अधिकांश संदिग्ध वाहन आसानी से बाईपास से निकल जाते हैं। सूत्रों के अनुसार डीएफओ कोंडागांव द्वारा रेंज अधिकारी को बाईपास के उस पार नाका लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन अब तक इन आदेशों पर अमल नहीं हो सका है।
वन विभाग की यह लापरवाही और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी कहीं न कहीं वनोपज तस्करी को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर वन विभाग कब जागेगा और कब बाईपास पर प्रभावी नाका लगाकर तस्करी पर लगाम लगाएगा?