छत्तीसगढ़

आईएचजीएफ दिल्ली मेला 2026 में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक शिल्प की दिखी विशेष झलक


कोण्डागांव। पत्रिका लुक (सरला यादव)

हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा इंडिया एक्सपो मार्ट, नई दिल्ली में आयोजित आईएचजीएफ दिल्ली मेला 2026 में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक शिल्प को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मेले में देश-विदेश से आए हजारों थोक खरीदारों एवं लगभग तीन हजार से अधिक निर्यातकों ने भाग लिया।
झिटकू मटकी उत्पादक कंपनी लिमिटेड, कोंडागांव के माध्यम से जिले के पारंपरिक शिल्पकारों ने अपने उत्कृष्ट शिल्प उत्पादों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी तथा जिला प्रशासन की पहल से शिल्पकारों को यह वैश्विक मंच प्राप्त हुआ। प्रदर्शनी में पद्मश्री सम्मानित शिल्पी पंडिराम मांडवी, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त ढोकरा कलाकार पंचूराम सागर, काष्ठ शिल्पी उमेश साहू सहित कुल 12 कलाकार शामिल रहे, जिन्होंने ढोकरा कला, काष्ठ शिल्प, बांस शिल्प, रॉट आयरन शिल्प एवं भित्ति चित्रकला के आकर्षक नमूने प्रस्तुत किए।
मेले में भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप, मध्य-पूर्व एवं एशियाई देशों से आए आयातकों ने स्टॉलों का अवलोकन किया और पसंद आए उत्पादों के लिए स्थल पर ही मूल्य निर्धारण कर बड़ी मात्रा में क्रय आदेश दिए। शिल्पकारों ने बताया कि इस मंच से उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग, रूपांकन, परिष्करण एवं पैकेजिंग को समझने का महत्वपूर्ण अनुभव मिला।
शिल्पकारों ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला को वैश्विक पहचान मिलने के साथ-साथ निर्यात की नई संभावनाएं भी सशक्त हो रही हैं।

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