Ghansyam Sharma / Sun, Jul 5, 2026 / Post views : 6
कोंडागांव।जल संसाधन विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत ग्राम चिलपुटी में कराए गए नहर मरम्मत कार्य की पोल पहली बारिश में ही खुल गई। 10.93326 लाख की लागत से हुई मरम्मत के चंद दिनों बाद ही नहर में जगह-जगह से छेदों के रास्ते पानी बहने लगा। घटिया निर्माण से नाराज किसानों ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
चिलपुटी निवासी जय लाल कोराम, शिव राम कोराम, महादेव सहित अन्य किसानों का दावा किया कि नहर में छेद तीन साल पहले ही हो गया था।आसपास के किसान मिट्टी डालकर काम चला रहे थे। अब छेद इतना बढ़ गया है कि मिट्टी डालने से भी पानी नहीं रुक रहा। इसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला।
किसानों का आरोप है कि विभाग ने नहर की आधी-अधूरी और गुणवत्ताहीन मरम्मत कराई। कम मात्रा में घटिया सामग्री लगाई गई और बिना तकनीकी निगरानी के काम पूरा दिखाकर भुगतान कर दिया गया।
नतीजा यह हुआ कि पहली बारिश में ही नहर लीक करने लगी। उनका कहना है यदि नहर दुरुस्त नहीं की गई तो खरीफ की फसले प्रभावित होगी यह डर उनको डर सता रहा ।किसानों ने शासन से नहर की तत्काल मरम्मत और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
इस संबंध में सब इंजीनियर मुकेश साहू, जल संसाधन संभाग कोंडागांव ने बताया कि नहर में पुल के पास बड़ा छेद है,उसकी मरम्मत के लिए अधिक राशि चाहिए। नहर में मनरेगा के तहत सामान्य मरम्मत कराई गई है। मैंने अपनी खुद की राशि लगाकर कुछ कार्य कराया है।.
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