Ghansyam Sharma / Thu, Jul 2, 2026 / Post views : 15
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नकटी गांव की पुरानी बसाहट के मकानों को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई को पूरी तरह जन-विरोधी और बेहद निंदनीय कृत्य बताते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) छत्तीसगढ़ राज्य इकाई ने इसकी कड़ी निंदा की है। इसकी जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से साझा करते हुए सीपीआई छत्तीसगढ़ राज्य सचिव मंडल सदस्य कामरेड तिलक पांडे ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने आम जनता के प्रतिनिधियों, यानी विधायकों के निवास बनाने के नाम पर नकटी गांव की पुरानी बसाहट में कई वर्षों से निवासरत गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के घरों को अचानक तोड़ दिया। वह भी बरसात के मौसम में, जिससे प्रभावित परिवारों के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि शासन-प्रशासन ने पूर्व सूचना दिए बिना, कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना तथा प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा या पुनर्वास का आश्वासन दिए बिना अचानक मकानों को तोड़ दिया। इससे परिवारों का घरेलू सामान, राशन, कपड़े एवं अन्य आवश्यक सामग्री नष्ट हो गई है, जिससे गरीब परिवारों का जीवन संकट में पड़ गया है। मकानों को तोड़ने से पहले वे न तो अपना सामान सुरक्षित कर पाए और न ही न्यायालय की शरण में जा सके। यह शासन की क्रूरता और संवेदनहीनता का स्पष्ट उदाहरण है।
सीपीआई छत्तीसगढ़ राज्य इकाई की मांगें:
-छत्तीसगढ़ सरकार प्रभावित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा, स्थायी आवास एवं पुनर्वास की व्यवस्था करे।
-बरसात के मौसम में तोड़े गए मकानों के स्थान पर तत्काल पक्के मकान बनाए जाएं अथवा किराया सहायता प्रदान की जाए।
-घटना की न्यायिक जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
-भविष्य में किसी भी विकास कार्य के नाम पर बिना पूर्व सूचना एवं पुनर्वास के किसी भी परिवार को बेघर न किया जाए।
अंत में कामरेड तिलक पांडे ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा गरीबों, किसानों और मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी। नकटी गांव के प्रभावित परिवारों के साथ पार्टी पूर्ण रूप से खड़ी है और उनकी न्यायोचित मांगों को लेकर शासन पर दबाव बनाएगी।
उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि आम जनता विधायक और सांसद के रूप में अपने जनप्रतिनिधि क्यों चुनती है? क्या बेहतर शासन और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए या फिर अपने स्वार्थ के लिए गरीबों को बेघर करने के लिए? उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि आम जनता आत्मचिंतन करे। केवल यह सोचकर चुप न बैठे कि नकटी गांव के गरीबों को ही बेघर किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी को गरीब और आम जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है तथा उसका उद्देश्य केवल अपनी पार्टी को मजबूत करना है। उन्होंने वर्ष 2003 से 2018 तक छत्तीसगढ़ में भाजपा शासनकाल, पार्टी कार्यालयों के निर्माण, इलेक्टोरल बॉन्ड से हजारों करोड़ रुपए बटोर कर भारत देश में सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनना कर भारत का संविधान व अन्य कानूनों के साथ मनमर्जी तरीके से खिलवाड़ करना। जिसका ही परिणाम है, कि नकटी गांव की घटना उसी का परिणाम है। यदि अब भी आम जनता नहीं जागी तो भविष्य में नकटी गांव जैसी घटनाएं अन्य गांवों में भी देखने को मिल सकती हैं।
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