Ghansyam Sharma / Sat, Jul 4, 2026 / Post views : 33
कांकेर। पत्रिका लुक
वन विभाग की राज्य कैम्पा योजना के तहत मृत व्यक्ति के नाम मजदूरी भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर लगाए गए आरोपों ने विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला कांकेर वन मंडल के चारामा वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंडरीपानी का है। आरटीआई से प्राप्त भुगतान रजिस्टर के अनुसार स्वर्गीय मिलन जुर्री और उनके छोटे भाई परमेश्वर जुर्री के नाम 3,033-3,033 रुपये, कुल 6,066 रुपये मजदूरी भुगतान दर्ज है। जबकि ग्रामीणों और परिजनों का दावा है कि मिलन जुर्री का 23 सितंबर 2023 को बीमारी के कारण निधन हो चुका था। उनका कहना है कि मिलन जुर्री ने कैम्पा योजना के किसी कार्य में मजदूरी नहीं की और न ही परिवार को किसी प्रकार का भुगतान प्राप्त हुआ।
बताया गया कि इस मामले का खुलासा एक आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा वन विभाग से प्राप्त दस्तावेजों के माध्यम से हुआ था। शिकायत किए जाने के बावजूद जांच की स्थिति और किसी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
मामले का एक अन्य पहलू यह भी है कि जिस व्यक्ति के नाम भुगतान दर्शाया गया, उसका निधन हो चुका है। वहीं, इस मामले को उजागर करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता और उस समय के संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी का भी निधन हो चुका है। इसके बावजूद विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज भुगतान पर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
परिजनों बतीजनबाई, राजोंबाई और परमेश्वर जुर्री ने दावा किया है कि उन्हें इस भुगतान की कोई जानकारी नहीं है और न ही कोई राशि प्राप्त हुई। दूसरी ओर, वर्तमान वनमंडल अधिकारी ने कहा है कि यदि इस संबंध में लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कराई जाएगी।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल 6,066 रुपये के भुगतान का मामला नहीं, बल्कि सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि विभाग मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन