Ghansyam Sharma / Wed, Apr 22, 2026 / Post views : 6
रायपुर। पत्रिका लुक
छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक में तय किया गया कि महिलाओं के नाम पर होने वाली जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस निर्णय से महिलाओं पर आर्थिक भार कम होगा और उन्हें संपत्ति में अधिक अधिकार मिलेगा।
सरकार के इस फैसले से हर साल लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है, लेकिन इसे महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सकारात्मक निवेश के रूप में देखा जा रहा है। यह व्यवस्था वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू होगी, जिससे महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
एक करोड़ रुपये की संपत्ति पर पहले पुरुषों को लगभग 10.6 लाख रुपये खर्च करने पड़ते थे, जिसमें 6.6 लाख रुपये स्टांप ड्यूटी और 4 लाख रुपये पंजीयन शुल्क शामिल है। वहीं महिलाओं को पहले करीब 9.48 लाख रुपये खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब पंजीयन शुल्क आधा होने से यह खर्च घटकर लगभग 7.48 लाख रुपये रह जाएगा। यानी महिलाओं को करीब 3.12 लाख रुपये तक की सीधी बचत होगी।
गरियाबंद जिले के ग्राम कपसीडीह टेका के किसान हेमकुमार साहू ने इसे आमजनों और किसानों के लिए राहतकारी बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं की संपत्ति में बराबरी की हिस्सेदारी सुनिश्चित होगी और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। इस निर्णय से महिलाओं की सामाजिक स्थिति मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेंगी। छत्तीसगढ़, उत्तराखण्ड और गुजरात के बाद इस तरह की व्यवस्था लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया
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