Ghansyam Sharma / Tue, Mar 30, 2021 / Post views : 166
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर विस्फोट की घटना में रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। खबर आ रही है कि आइईडी से जुड़े तार को नक्सलियों ने कार्बन पेपर में लपेट रखा था। बम को डेटोनेटर से जोड़ने के लिए तार को कार्बन पेपर में लपेटा गया था।
ऐसा पहली बार हुआ है कि बम निरोधी दस्ते ने सड़क की जांच की और उसके बाद विस्फोट हो गया। पुलिस ने जांच में पुणे के विशेषज्ञों की मदद ली है। पुणे के रक्षा अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक घटनास्थल तक गए थे। उन्होंने मौके की फोटो और वीडियोग्राफी भी कराई है।
बता दें कि लेबनान, सीरिया आदि देशों में आतंकवादी कार्बन फाइबर से बने बमों का इस्तेमाल करते हैं। अमेरिकी सेना कार्बन फाइबर से बने बमों को लेकर बहुत परेशान रही। वर्ष 2018 में अमेरिकी रक्षा अनुसंधान केंद्र ने ऐसा डिटेक्टर विकसित किया जो कार्बन फाइबर या प्लास्टिक से बने बमों को भी पकड़ सकता है।
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