Ghansyam Sharma / Fri, Oct 30, 2026 / Post views : 51
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के दिशा-निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव द्वारा सुरक्षित बचपन अभियान के तहत ‘ना बाल विवाह, ना बाल शोषण’ थीम पर जागरूकता प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष खिलावन राम रिगरी ने हरी झंडी दिखाकर स्कूली बच्चों की प्रभात फेरी को रवाना किया।
प्रभात फेरी परिवार न्यायालय परिसर से प्रारंभ होकर बस स्टैंड होते हुए अंबेडकर चौक पहुंची। इस दौरान स्कूली बच्चों ने हाथों में जागरूकता संदेश लेकर प्रेरक नारे लगाए और आम नागरिकों को बाल विवाह एवं बाल शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक किया।
अभियान की मुख्य थीम ‘जागरूकता, सुरक्षा और संरक्षण – हर बच्चे का अधिकार’ रखी गई है। इसके माध्यम से प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में जीवन जीने, शिक्षा प्राप्त करने, अपने विचार व्यक्त करने और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अधिकार सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया। साथ ही बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक और सामाजिक दायित्व है।
इस अवसर पर बाल विवाह के दुष्परिणामों और बाल शोषण से बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर उसे रोकने के लिए संबंधित विभाग को सूचित करें तथा बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के शोषण या अन्याय के मामलों को गंभीरता से लें। बच्चों को डर और चुप्पी के बजाय विश्वास, सुरक्षा एवं सहयोग का वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विक्रम प्रताप चंद्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) प्रतिभा मरकाम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेशमा बैरागी पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गायत्री साय, प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी सीमा टांडे, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष दीपक ठाकुर, पैनल अधिवक्ता सुरेंद्र भट्ट, तिलक पांडे, नरेश नाईक एवं गौरव जैन उपस्थित रहे।
इसके अलावा पुलिस विभाग से थाना प्रभारी सौरभ उपाध्याय एवं अजाक थाना प्रभारी रमेश शोरी, शिक्षा विभाग से वेणुगोपाल, महिला एवं बाल विकास विभाग के बाल संरक्षण अधिकारी नरेंद्र सोनी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष त्रिलोक सार्वा, परिवीक्षा अधिकारी सौरभ तिवारी सहित अन्य रिसोर्स पर्सन एवं अधिकार मित्रों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल का उद्देश्य बाल विवाह एवं बाल शोषण के विरुद्ध सामाजिक चेतना विकसित करना और बच्चों के अधिकारों के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का भाव मजबूत करना है। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हर बच्चे का बचपन सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि कोई भी बच्चा बाल विवाह के लिए विवश न हो और न ही शोषण का शिकार बने।
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