रायपुर। रायपुर पुलिस की गिरफ्त में आए जामताड़ा गिरोह के शातिर ठग सतीश दास से पुलिस को एक डायरी मिली है। इस डायरी में उसने ठगी के 21 तरीके लिख रखे हैं। साल 2015 में जामताड़ा में ही दूसरे गिरोह से वह खुद भी ऑनलाइन ठगी का प्रशिक्षण ले चुका है। अब वह अपने गिरोह को मजबूत करने के लिए गुर्गों को ठगी के नए-नए तरीके बताता है कि कैसे लोगों को आसानी से झांसे में लेना है। गृहग्राम मोहलाडीह (नारायणपुर) जामताड़ा में उसका पुश्तैनी घर है। ठगी के पैसे से उसने महंगी जमीन खरीदी है और नया आलीशान घर भी बनाया है।
देश भर के कई राज्यों में केवाईसी अपडेट करने का झांसा देकर सतीश दास और उसके गिरोह के कुंदन दास, श्याम दास ने दो सौ से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। रायपुर में रिटायर्ड इंजीनियर पारसनाथ पाठक के खाते से 20 लाख रुपये उड़ाने के मामले में पहली बार यह गिरोह रायपुर साइबर सेल के हत्थे चढ़ा है। रायपुर में लगातार साइबर ठगी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस अफसर यह स्वीकार करने लगे हैं कि गिरोह के लिए रायपुर सोने की चिड़िया साबित हो रही है। साइबर ठग झांसे का जाल बिछाकर अलग-अलग तरीके से पढ़े-लिखे लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
अब कोरोना थीम पर ठगी
साइबर ठग अब कोरोना थीम बनाकर इन दिनों ठगी कर रहे हैं। वे हैकिंग, मेल फिशिंग, इमोशनल हिप्नोटाइजिंग के जरिये पैसे ऐंठने में लगे हैं। इसमें रेफरेंस और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन करने वाले कई बिचौलिये भी शामिल हैं। लिहाजा इस तरह के किसी भी मैसेज, लिंक को अनदेखा करके ही ठगी से बचा जा सकता है। ऐसे मैसेज या लिंक पर क्लिक नहीं करने की अपील साइबर विशेषज्ञों के अनुसार रायपुर पुलिस ने की है।
दसवीं पास लेकिन शातिरपन में आगे,गांव में तीन मंजिला मकान
सतीश दास महज दसवीं पास है, लेकिन उसका दिमाग शातिरपन में आगे है। पिछले तीन साल से वह खुद ही लोगों को कॉल कर झांसे में लेकर खाते से पैसे उड़ा लेता था। ठगी के पैसे ट्रांसफर करने के लिए उसने 20 से अधिक खाते किराए पर लेकर रखे हैं। पुलिस उसके सारे बैंक खातों का डिटेल निकाल रही है। फिलहाल पत्नी के खाते में साढ़े चार लाख रुपये जमा मिले हैं। ठगी के पैसे से ही उसने गांव में तीन मंजिला आलीशान मकान बनाया है। यही नहीं, गिरोह से जुड़े अधिकांश बदमाश भी लाखों-करोड़ो में खेल रहे हैं।
मास्टर माइंड की डायरी में दर्ज ठगी के मुख्य नुस्खे….
तरीका नंबर एक- बैंक का अधिकारी बनकर एटीएम कार्ड का पिन और ओटीपी लेना
ठगी का यह काफी पुराना और आम तरीका है। आपको फोन करके ठग खाते की तमाम जानकारियां ले लेते हैं। साथ ही पिन नंबर या ओटीपी भी जान जाते हैं। इसके बाद आपके खाते से पैसा निकाल लेते हैं।
अलर्ट- जबकि कोई भी बैंक आपको इस तरह से कभी काल नहीं करता, यह सभी तरीके फांसने के लिए है।
तरीका नंबर दो- लॉटरी निकलने और केवाईसी अपडेट के नाम पर
इसमें ठग ईमेल के जरिए आपको एक, दो या पांच करोड़ रुपये की लॉटरी निकलने का दावा करते हैं। अमूमन हर किसी के पास इस संबंध में मेल आते रहते हैं। रातों-रात करोड़ों की लाटरी लगने के लालच में लोग फंस जाते हैं। इसी तरह केवाइसी अपडेट के बहाने बैंक खाते की पूरी जानकारी लेकर खाता साफ कर देते है।
अलर्ट- यह जान लें कि कोई भी अनजान आदमी आपको ऐसे ही करोड़ों रुपये नहीं दे देगा। ऐसे किसी भी ईमेल के झांसे में कभी भी ना आएं।
तरीका नंबर तीन- प्रधानमंत्री योजना के नाम पर
केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद शातिरों ने नकली सरकारी बेवसाइट बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो करोड़ युवाओं को मुफ्त में लैपटॉप बांटने की झूठी जानकारी देकर ठगी करने की योजना बना डाली। विभिन्न सरकारी योजनाओं के नाम पर ऐसी फर्जी बेवसाइट बनाई जाती हैं और लोगों को फांसने का काम किया जाता है।
अलर्ट- जब इस तरह की कोई बेवसाइट दिखे या ईमेल आए तो संबंधित विभाग से इस संबंध में क्रास चेक अवश्य कर लें।
तरीका नंबर चार- ऑनलाइन सामान बेचने-खरीदने के नाम पर
ऐसी साइटों से आपका नंबर लेकर ठग सामान खरीदने के लिए फोन करते हैं। फिर एक लिंक भेजकर कहते हैं कि इससे हम आपको ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं। जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं, आपके पैसे निकाल लिए जाते हैं।
अलर्ट-ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
तरीका नंबर पांच- विदेशों में नौकरी दिलाने का लालच देकर
आप नौकरी के लिए जिन बेवसाइट के पास अपना बायोडाटा देते हैं उनसे आपका डाटा ले लिया जाता है। फिर फोन या ईमेल से आपसे संपर्क किया जाता है। जो विदेशों में नौकरी के लालच में फंस जाता है, उससे लाखों रुपये ठग लिए जाते हैं।
अलर्ट- संबंधित देश के दूतावास से संपर्क कर नौकरी के संबंध में जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए। इसी तरह के यदि कंपनी अपने देश की है या किसी सरकारी विभाग से जुड़ा मामला है तो पहले क्रॉस चेक कर लेना चाहिए।
तरीका नंबर छह- फेसबुक से दोस्ती की आड़ में
अगर आप किसी अपरिचित से फेसबुक या दोस्ती वाले किसी ऐप से दोस्ती करते हैं तो तय मानिए है कि किसी बड़े आर्थिक संकट में फंस सकते हैं। आपको कोई ब्लैकमेल भी कर सकता है।
अलर्ट-किसी अपरिचित से दोस्ती न करें।
तरीका नंबर सात- विदेशी दुल्हन या दूल्हे से रिश्ते की आड़ में फांसना
इस तरह के मामले में ठग आपको अपनी आईडी पर किसी विदेशी लड़की की फर्जी फोटो लगाकर फांसते हैं। आपको फोन करके या संदेश भेजकर कहते हैं कि आपके लिए एक महंगा उपहार ला रही थी, हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने पकड़ लिया है। तुरंत पैसा भेजें। लोग उपहार के लालच में पैसा गंवा देते हैं।
अलर्ट- इस तरह के किसी प्रलोभन के झांसे में ना आएं। शातिर ठग अपने ठिकाने में बैठकर पहले आपकी भावना से खेलते हैं और फिर कस्टम ड्यूटी दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार बना लेते हैं।
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