Ghansyam Sharma / Thu, Jul 9, 2026 / Post views : 108
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
कोण्डागांव जिले के फरसगांव और केशकाल थाना पुलिस ने मल्टीपल बैंक लोन दिलाने के नाम पर शिक्षकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को अंबिकापुर, जशपुर और सारंगढ़ से गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह का एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार गिरोह ने 43 शिक्षकों को झांसे में लेकर करीब 10 से 12 करोड़ रुपये की ठगी की है।
पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी अभिनव उपाध्याय और अरुण नेताम के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने करीब तीन माह तक तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों और लेन-देन की जांच के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी शिक्षकों को एक साथ कई बैंकों से व्यक्तिगत ऋण (मल्टीपल पर्सनल लोन) दिलाने का झांसा देते थे। लोन राशि का 40 प्रतिशत शिक्षकों को देकर शेष 60 प्रतिशत अपने और साथियों के खातों में ट्रांसफर करा लेते थे। इसके बाद दो से तीन वर्ष में पूरी ईएमआई जमा करने का भरोसा देकर फरार हो जाते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कई पीड़ितों के फर्जी आधार कार्ड तैयार कर पते में बदलाव करते हुए एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीएफसी, आईडीबीआई, यस बैंक, चोलामंडलम और अन्य बैंकों से अलग-अलग शाखाओं के माध्यम से ऋण स्वीकृत कराया।
फरसगांव और केशकाल थानों में दर्ज चार अलग-अलग मामलों की विवेचना के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, डायरी, रजिस्टर, लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में शिवशंकर दास, दिलीप कुमार सोनी, वीरेंद्र तिर्की, श्यामसुंदर जांगड़े और अंशुमान सिंह शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले की विवेचना जारी है तथा गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और बैंक कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की अपील
कोण्डागांव पुलिस ने आम नागरिकों, विशेषकर शासकीय कर्मचारियों एवं शिक्षकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति या संस्था के झांसे में आकर एक साथ कई बैंकों से लोन लेने अथवा अधिक लाभ के लालच में अपनी बैंक संबंधी जानकारी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वेतन पर्ची, चेकबुक, एटीएम कार्ड या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध वित्तीय योजना, लोन ऑफर या धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी थाना अथवा पुलिस के साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और बिना सत्यापन किसी भी वित्तीय लेन-देन से बचने की भी अपील की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन