कोण्डागांव। पत्रिका लुक
फरसगांव पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पांच अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो 11 राज्यों में फैले 17 मामलों में शामिल थे। गिरोह ने करीब एक करोड़ सत्तर लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया था।
इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक कोंडागांव वाय अक्षय कुमार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय रायपुर व I4C-MHA के निर्देश पर की गई।
एसडीओपी फरसगांव के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें थाना फरसगांव की टीम ने बिलासपुर और प्रयागराज में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से 34 म्यूल अकाउंट की जानकारी जब्त की, जिनमें से 9.39 लाख रुपये की राशि होल्ड की जा चुकी है।
गिरफ्तार आरोपी इस प्रकार हैं:
1. जे सुधाकर पट्टनायक (26) – खुर्सीपार, जिला दुर्ग
2. रवि साहू (26) – बैकुंठ नगर कैंप, दुर्ग, 3. दुर्गेश सोनी (25) – गुरुघासीदास नगर, दुर्ग, 4. चंदन विश्वकर्मा (25) – बैकुंठनगर, दुर्ग , 5. प्रभाकर राय (23) – बोरगांव, फरसगांव, जिला कोंडागांव
साइबर ठगी का तरीका
गिरोह के सदस्य लोगों से म्यूल अकाउंट (खाता, एटीएम, पासबुक, सिम इत्यादि) खुलवाते थे। लालच देकर ये खाते और संबंधित सामग्री लेयर-2, लेयर-3 और लेयर-4 के अपराधियों को बेच दी जाती थी, जिनका उपयोग अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी, सट्टा, सेक्सटॉर्शन, ट्रेंडिंग स्कीम जैसी आपराधिक गतिविधियों में होता था।
विशेष सहयोग
एसपी वाय अक्षय कुमार ने बताया कि इस गिरोह को पकड़ने में एएसपी कोरकागुड़ा, एसडीओपी फरसगांव, थाना प्रभारी, साइबर सेल व टेक्निकल टीम की विशेष भूमिका रही। फरसगांव पुलिस के समन्वित प्रयास से इस अंतरराज्यीय गिरोह का भांडाफोड़ किया जा सका।
एसपी की अपील:
पुलिस अधीक्षक श्री वाय अक्षय कुमार ने जनता से अपील की है कि
लालच में आकर किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाता, एटीएम, पासबुक, सिम आदि न दें।
खाता खुलवाकर किसी को सौंपना कानूनन अपराध है और कठोर दंड का प्रावधान है।
यदि किसी के पास साइबर ठगी से जुड़ी जानकारी है तो वह तत्काल पुलिस को सूचना दें।
जागरूक नागरिक ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे बड़ी ताकत । आपका सहयोग से अपराध को रोका जा सकता हैं
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