Ghansyam Sharma / Fri, Aug 21, 2026 / Post views : 58
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
आदिवासी बहुल कोंडागांव जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण और उसके भंडारण की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वन मंडलाधिकारी कार्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर, न्यू बस स्टैंड के पीछे हाईवे किनारे बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता से भरे बोरे खुले में पड़े मिले हैं। कई बोरे खुले हुए हैं और बारिश व नमी के चलते उनमें रखा तेंदूपत्ता सड़ने लगा है। इससे आसपास बदबू फैल रही है और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि यहां सैकड़ों बोरे तेंदूपत्ता खुले में पड़े हैं। बोरों के आसपास लॉट पर्चियां भी बिखरी हुई दिखाई दीं। इससे तेंदूपत्ता के भंडारण, उठाव और परिवहन की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब एक महीने से यहां तेंदूपत्ता के बोरे पड़े हुए हैं ।
2026 में 10,470 मानक बोरा संग्रहण
वन विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में जिले में 10,470.101 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया है। इसके एवज में तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5,75,85,555.50 रुपये का भुगतान किया गया है। ऐसे में बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता का खुले में पड़ा रहना और खराब होना गंभीर मामला माना जा रहा है।
ठेकेदार ने खराब पत्ता छोड़ने की बात कही
इस संबंध में वन मंडल कोंडागांव के उप प्रबंध संचालक सुरेश कुमार नाग ने बताया कि तेंदूपत्ता का ऑनलाइन टेंडर खरसिया, रायगढ़ के ठेकेदार शर्मा इंटरप्राइजेस ने लिया था। उनके अनुसार गोदाम में रखे तेंदूपत्ता में से अच्छी गुणवत्ता वाले पत्ते को छांटकर ठेकेदार ले गया, जबकि खराब गुणवत्ता वाले पत्ते को वहीं छोड़ दिया गया।
हालांकि, खुले में बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता पड़े होने और बारिश में उसके खराब होने को लेकर जिम्मेदारी तथा विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
इस पूरे मामले पर तेंदूपत्ता ठेकेदार से बात नहीं हो पाई है संबंधित ठेकेदार से बात होने पर उसका भी पक्ष प्रकाशित किया जाएगा।
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