Ghansyam Sharma / Fri, May 21, 2021 / Post views : 166
रायपुर केंद्र सरकार के खाद पर सब्सिडी बढ़ाने के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ में सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने जहां मोदी सरकार का आभार माना, वहीं कांग्रेस ने कहा कि किसान आंदोलन और कांग्रेस के दबाव के कारण केंद्र सरकार ने फैसला लिया है।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि डीएपी खाद का मूल्य न बढ़ाए जाने का फैसला किसानों और कांग्रेस के संघर्ष का परिणाम है। अंतत: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में खाद की मूल्यवृद्धि के विरोध में किसानों और कांग्रेस का संघर्ष रंग लाया। केंद्र सरकार को डीएपी खाद का मूल्य नहीं बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा।
छत्तीसगढ़ के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रभारी पीएल पुनिया और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में खाद की मूल्य वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाने का काम किया। इंटरनेट मीडिया से लेकर कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा खाद की मूल्य वृद्धि का आक्रामक विरोध और संघर्ष रंग लाया और मोदी सरकार को यह तुगलकी तानाशाही किसान विरोधी फैसला वापस लेना पड़ा।
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने खाद पर सब्सिडी बढ़ाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। यह किसान हितैषी निर्णय है। इस कोरोना काल में किसानों की मदद को लेकर केंद्र सरकार लगातार महात्वपूर्ण फैसले ले रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास करेगी कि किसानों को मूल्य वृद्धि का दुष्प्रभाव न भुगतना पड़े। वैश्विक बाजार में खाद का दाम बढ़ने के बाद यह किसानों और कृषि विकास की दिशा में महात्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
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