Ghansyam Sharma / Sun, Feb 27, 2022 / Post views : 158
मतांतरित व्यक्ति का शव दफनाने को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ विवाद
कोंडागांव पत्रिका लुक।
धर्म के नाम पर मौत के बाद भी दफनाने के लिए दो गज जमीन नसीब नही। ऐसा इसलिए कहा जा रहा कि आज लोग धर्म जाती के नाम पर आपस में बट गए है और इसमें राजनैतिक पार्टियां भी आग में घी डालने के जैसे कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के पीछे नही रहती। कुछ लोग धर्म के ठेकेदार बन बैठे हैं । जबकि ईश्वर अल्ला ईशू सब एक ही नाम जब ऊपर वाले ने लोगों को एक जैसा बनाया है साथ ही भारत मे रहने वाले लोगों को भारत का संविधान ने मौलिक अधिकार दिया है कि वह किसी भी धर्म मे पैदा हुआ हो वह जाहे तो अपना धर्म परिवर्तन कर सकता हैं और उस धर्म को अपना सकता हैं फिर क्यों लोग भारत के संविधान को नहीं मान रहे हैं।
ऐसा इसलिए बताना पड़ रहा है क्योंकि आज ऐसे ही एक कोंडागांव जिला के अन्तर्गत आने वाले ग्राम बड़भत्तर में रहने वाले एक आदिवासी परिवार के द्वारा धर्म परिवर्तन करते हुए अन्य धर्म को मानना सुरु कर दिया था। उस धर्म परिवर्तन करने वाले परिवार में एक व्यक्ति की मौत के बाद अंतिम संस्कार करने के दौरान विवाद हुआ । धर्म को मानने वाले लोगों के द्वारा अन्य धर्म परिवर्तन करने वाले परिवार में मृत व्यक्ति को अंतिम संस्कार करने के लिए रोका गया और विवाद बढ़ता चला गया।
क्या था पूरा मामला ग्राम बडभत्तर में शनिवार रात को एक मतांतरित ग्रामीण की मौत के बाद रविवार सुबह परिजन मृतक के शव को अपने खेत में दफनाने की तैयारी कर रहे थे, उसी दौरान शव दफनाने की जानकारी होते ही ग्रामीण एकत्रित हुए और गांव की जमीन पर शव दफनाने का विरोध करने लगे, जिससे गांव में दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच दोनों पक्षों से बातचीत कर समझाइश देने का प्रयास जारी था । तथा समाचार लिखे जाने तक अप्रिय स्थिति से निपटने पुलिस ने गांव में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया था।
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