Tue, 27 Oct 2026
Breaking News
भाजपा युवा मोर्चा ने खड़गे का पुतला दहन किया : प्रधानमंत्री मोदी पर कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में कोण्डागांव में भाजपा युवा मोर्चा ने बाइक रैली निकालकर पुतला दहन | ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला : शिक्षक की कमी से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित | मैनपुर के दशहरे की अलग पहचान : रावण दहन के चार दिन बाद मैनपुर में मनाया जाता है दशहरा, बिच्छू-मगरमच्छ और हेलीकॉप्टर की झांकियां बनीं आकर्षण | जुआ खेलते 5 लोग गिरफ्तार : केशकाल में जुआ खेलते 5 लोग गिरफ्तार, 1.55 लाख का सामान जब्त | पारंपरिक वैद्यों के ज्ञान का होगा दस्तावेजीकरण : बस्तर की पारंपरिक चिकित्सा को पहचान, 309 वैद्यों को मिला प्रमाण पत्र | न आधार, वोटर आईडी, राशन कार्ड; पहचान के लिए भटक रहा : आदिवासी रातूराम के पास नहीं पहचान के दस्तावेज, प्रशासन से मदद की गुहार | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किए मां दंतेश्वरी के दर्शन : राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रहे उपस्थित, मांझी-चालकी से संवाद कर जानीं समस्याएं और सुझाव | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मां दंतेश्वरी मंदिर में की : राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी रहे उपस्थित, देश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की | केशकाल के बड़पारा में पेयजल संकट, आठ माह से परेशान : पेयजल संकट, परेशान वार्डवासी पहुंचे कलेक्ट्रेट | दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक पलटने से परिचालक की मौत : चावल से भरा ट्रक खेत में पलटा, परिचालक की मौत | भाजपा युवा मोर्चा ने खड़गे का पुतला दहन किया : प्रधानमंत्री मोदी पर कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में कोण्डागांव में भाजपा युवा मोर्चा ने बाइक रैली निकालकर पुतला दहन | ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला : शिक्षक की कमी से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित | मैनपुर के दशहरे की अलग पहचान : रावण दहन के चार दिन बाद मैनपुर में मनाया जाता है दशहरा, बिच्छू-मगरमच्छ और हेलीकॉप्टर की झांकियां बनीं आकर्षण | जुआ खेलते 5 लोग गिरफ्तार : केशकाल में जुआ खेलते 5 लोग गिरफ्तार, 1.55 लाख का सामान जब्त | पारंपरिक वैद्यों के ज्ञान का होगा दस्तावेजीकरण : बस्तर की पारंपरिक चिकित्सा को पहचान, 309 वैद्यों को मिला प्रमाण पत्र | न आधार, वोटर आईडी, राशन कार्ड; पहचान के लिए भटक रहा : आदिवासी रातूराम के पास नहीं पहचान के दस्तावेज, प्रशासन से मदद की गुहार | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किए मां दंतेश्वरी के दर्शन : राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रहे उपस्थित, मांझी-चालकी से संवाद कर जानीं समस्याएं और सुझाव | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मां दंतेश्वरी मंदिर में की : राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी रहे उपस्थित, देश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की | केशकाल के बड़पारा में पेयजल संकट, आठ माह से परेशान : पेयजल संकट, परेशान वार्डवासी पहुंचे कलेक्ट्रेट | दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक पलटने से परिचालक की मौत : चावल से भरा ट्रक खेत में पलटा, परिचालक की मौत | भाजपा युवा मोर्चा ने खड़गे का पुतला दहन किया : प्रधानमंत्री मोदी पर कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में कोण्डागांव में भाजपा युवा मोर्चा ने बाइक रैली निकालकर पुतला दहन | ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला : शिक्षक की कमी से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित | मैनपुर के दशहरे की अलग पहचान : रावण दहन के चार दिन बाद मैनपुर में मनाया जाता है दशहरा, बिच्छू-मगरमच्छ और हेलीकॉप्टर की झांकियां बनीं आकर्षण | जुआ खेलते 5 लोग गिरफ्तार : केशकाल में जुआ खेलते 5 लोग गिरफ्तार, 1.55 लाख का सामान जब्त | पारंपरिक वैद्यों के ज्ञान का होगा दस्तावेजीकरण : बस्तर की पारंपरिक चिकित्सा को पहचान, 309 वैद्यों को मिला प्रमाण पत्र | न आधार, वोटर आईडी, राशन कार्ड; पहचान के लिए भटक रहा : आदिवासी रातूराम के पास नहीं पहचान के दस्तावेज, प्रशासन से मदद की गुहार | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किए मां दंतेश्वरी के दर्शन : राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रहे उपस्थित, मांझी-चालकी से संवाद कर जानीं समस्याएं और सुझाव | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मां दंतेश्वरी मंदिर में की : राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी रहे उपस्थित, देश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की | केशकाल के बड़पारा में पेयजल संकट, आठ माह से परेशान : पेयजल संकट, परेशान वार्डवासी पहुंचे कलेक्ट्रेट | दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक पलटने से परिचालक की मौत : चावल से भरा ट्रक खेत में पलटा, परिचालक की मौत |

: राज्यपाल सुश्री उइके के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण

Ghansyam Sharma / Thu, Jul 29, 2021 / Post views : 190

Share:

रायपुर, राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके के छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बतौर कल 29 जुलाई को दो वर्ष पूरे हो रहे हैं। इन दो वर्षों के दौरान छत्तीसगढ़ की जनता को यह महसूस हुआ कि राजधानी रायपुर में स्थित राजभवन हम सब आम जन के लिए खुला है। राज्य की संवैधानिक मुखिया की संवेदनशीलता एवं सहजता की चर्चा बस्तर के आदिवासियों से लेकर बलरामपुर जिले के गांव करकली के रहवासियों में भी होती है। एक ओर जहां सुश्री उइके आदिवासियों के अधिकारों के संरक्षण की बात करती हैं, वहीं दूसरी ओर स्वतः संज्ञान लेकर मीडिया के जरिए प्राप्त समाचार से गांव करकली के एक दिव्यांग बेटी शशिप्रभा का इलाज कराने के लिए भी तत्पर रहती हैं। उनकी सहजता का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है, जब उन्होंने एक युवा कलाकार को उसके आग्रह पर मोबाईल फोन से ‘सेल्फी’ भी लेने दी।
 
विश्व की सबसे भयावह महामारी कोरोना के संक्रमण के दौरान उन्होंने आम जनता की सहायता के लिए भरसक प्रयास किए और समय-समय पर जनप्रतिनिधियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए। कोरोना योद्धाओं की हमेशा हौसला अफजाई की और उस दौरान अन्यत्र जगहों पर फंसे हुए विद्यार्थियों, श्रमिकों को उनके घर वापस भेजने के लिए प्रयास किए। कुलाधिपति के नाते उन्होंने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को कोरोना के संबंध में, विद्यार्थियों के जरिए जनता में जागरूकता लाने के लिए भी निर्देश दिए। विद्यार्थियों को इस दौरान भी शिक्षा मिलती रहे इसके भी उपाय करने के निर्देश दिए। वे युवाओं को भी सकारात्मक रहने और लक्ष्य हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करने का आह्वान करती हैं। उनका मानना है कि मंजिल पाने के लिए पहले लक्ष्य निर्धारित करना आवश्यक है।
दंतेवाड़ा बस्तर प्रवास के दौरान उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिलकर उनके पुनर्वास हेतु विशेष प्रयास करने का भरोसा दिलाया था। साथ ही दंतेश्वरी महिला कमांडो से भी भेंटकर नक्सली उन्मूलन में उनकी भूमिका की सराहना की। दंतेवाड़ा के जावंगा स्थित सक्षम परिसर में दिव्यांग बच्चों से काफी सहजता से मिली।
सुश्री उइके स्वयं काफी संघर्षों से इस मुकाम तक पहुंची हैं। एक महिला होने के नाते उन्होंने यह महसूस किया है कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं का स्वसहायता समूह के जरिए आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण हो रहा है। वनवासी क्षेत्रों के रहवासियों को उनके वनोपजों एवं उत्पादों की मार्केटिंग सही तरीके से हो इस दिशा में भी उनका प्रयास रहता है। वे महिला सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों को और मजबूत करने की पक्षधर रही हैं, ताकि सभी महिलाओं को न्याय मिल सके।
सुश्री उइके को इतने कम समय में ही छत्तीसगढ़ के लोगों से विशेष लगाव हो गया है। वे यहां के लोगों की सहजता और सरलता की कायल हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ी बोली में भी खास मिठास लगती है। जनजातियों की संस्कृति, बोली-भाषा एवं नृत्य-संगीत को संरक्षित करने की भी आवश्यकता पर जोर देती रही हैं। अति पिछड़ी जनजाति के युवाओं की शासकीय सेवाओं में भर्ती के संबंध में उनके निर्देश पर कार्यवाही हुई। उन्होंने बचपन से ही देखा है कि आदिवासी समाज प्रकृति प्रेमी होते हैं और प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही हर कार्य करते हैं। वे आदिवासी युवाओं को समझाईश देती हैं कि उन्हें अपने समाज की संस्कृति, परंपराओं के गौरवशाली इतिहास पर गर्व करना चाहिए। आदिवासियों के हित की बात वे बस्तर से लेकर नई दिल्ली तक भी करती रही हैं। राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन में उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और बिजली की सुविधाओं के लिए अलग बजट का प्रावधान करने एवं सरगुजा और बस्तर में आदिवासी विश्वविद्यालय खोलने का आग्रह किया। उनकी पहल से ट्राईफेड द्वारा जगदलपुर में दो नए ट्राईब्स इंडिया बिक्री केन्द्र शुरू हुए। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों की लंबित छात्रवृत्ति जारी करने के संबंध में निर्देश दिए थे, जिस पर वन विभाग ने त्वरित कार्यवाही की। राज्यपाल सुश्री उइके पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के प्रति भी विशेष जागरूक रहती हैं। उनके अनुसार एक दिन पर्यावरण दिवस मनाने की औपचारिकता के बदले हर समय पर्यावरण हित में कार्य करना चाहिए।
राज्यपाल का पद संभालने के बाद उन्होंने राजभवन में अनेक नवाचार किए। राजभवन के दरवाजे पर कोई भी व्यक्ति/प्रतिनिधिमण्डल यदि न्याय की आस लेकर आता है उसे वे अंदर बुलाकर उनकी बातें सुनती हैं और समाधान का प्रयास भी करती हैं। फॉर्मेसी कॉलेज के विद्यार्थी हों या सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी या चन्दूलाल चन्द्राकर मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी हों, सभी की समस्याओं को अभिभावक बतौर सुनती हैं और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी तत्काल देती हैं, जिससे आगंतुक को भी आशा बंधती है। उन्होंने आम जनता द्वारा राज्यपाल को भेजे गए पत्रों पर कार्यवाही के लिए ई-समाधान वेबसाईट भी तैयार कराई, जिससे आवेदनों पत्रों की ट्रेकिंग और अद्यतन स्थिति की मॉनिटरिंग होती है। राजभवन में पहली बार यहां कार्य करने वाली महिलाओं को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए महिला दिवस पर सम्मानित भी किया गया। यहां कार्यरत कर्मचारियों को विशेष अवसर पर दी जाने वाली अनुदान राशि उन्होंने पुनः प्रारंभ की और कर्मचारियों के पदोन्नति के लिए भी पहल की।
वे इन दो सालों के कार्यकाल को संतुष्टि भरा मानती हैं और उसी सहजता और सरलता से छत्तीसगढ़ की जनता की भलाई के लिए हमेशा कार्य करना चाहती हैं।

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement