Ghansyam Sharma / Thu, Sep 10, 2026 / Post views : 73
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
दूरस्थ गांव कोरगांव में पुलिस का दो दिवसीय आयोजन सिर्फ खेल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रहा। पुलिस ने खेल-खेल में ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचने के तरीके भी बताए। वॉलीबॉल और कबड्डी के मुकाबलों के बीच पुलिस जवानों ने ग्रामीणों से संवाद कर मोबाइल और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को साइबर जागृति अभियान से जोड़ा गया। पुलिस ने समझाया कि अनजान नंबर से आने वाली कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी केवाईसी, बैंक खाते बंद होने की धमकी और ऑनलाइन इनाम के झांसे में आकर लोग ठगी का शिकार हो सकते हैं। किसी भी व्यक्ति से ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की अपील की गई।

शिविर में पुलिस ने ग्रामीणों को यह संदेश भी दिया कि साइबर अपराध में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। गांव के लोगों ने पुलिसकर्मियों से ऑनलाइन ठगी से जुड़े सवाल पूछे और बचाव के उपाय समझे।
आयोजन में खेल प्रतियोगिताओं के जरिए युवाओं और ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाई गई। वॉलीबॉल में काना गांव प्रथम और बिन्झे की टीम द्वितीय रही। कबड्डी में कोरगांव-ए ने पहला तथा कोरगांव-बी ने दूसरा स्थान हासिल किया। महिलाओं के लिए मटका फोड़ और नींबू दौड़ भी आयोजित की गई।
पुलिस की इस पहल में खेल, जनसेवा और साइबर जागरूकता को एक साथ जोड़कर ग्रामीणों तक पहुंचने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने दूरस्थ क्षेत्र में इस तरह का आयोजन करने के लिए पुलिस का आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन