Ghansyam Sharma / Sat, Oct 16, 2021 / Post views : 140
कमिश्नर के समक्ष निलंबन हेतु भेजा गया प्रस्ताव
कोंडागांव। कहते हैं की भष्ट्राचार व अत्याचार करने वालों की उम्र ज्यादा नहीं होती हैं क्योंकि समय के अनुसार उसे उस अनियमितता का दण्ड भोगना पड़ता हैं ऐसा की कुछ कोंडागांव जिला में विजयदशमी व दशहरे के दिन पर समय के च्रक ने अनियमितता करने वाले लोगों पर कार्यवाही कर यह साबित कर दिया कि सत्य कितना भी परेशान होगा पर जीत सत्य की होगी। ऐसा इस लिए कहा जा है कि, पत्रिका लुक के द्वारा कोंडागांव जिला में हो रहे अनियमितता की लगातार समाचार प्रकाशित कर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। पत्रिका लुक ने प्रथमिकता से सबसे पहले इन दोनों मुद्दों फोटो सप्लाई में भारी अनियमितता व स्कूली बच्चों को सेहत खराब करने के लिए सूखा राशन सप्लाई करते हुए राजस्व को हानि के मुद्दों पर समाचार प्रकाशित किया था । जिस पर कुछ जागरूक लोगों के द्वारा जिला प्रशासन से लिखित शिकायतें भी की गई।देर से सही पर कलेक्टर ने उक्त मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच दल गठित करते हुए जांच के बाद दोनों अधिकारियों पर कार्यवाही करते हुए पद से हटाया जाने का आदेश के साथ ही कमिश्नर को निलंबन हेत प्रस्ताव भेजा गया।

जिला जनसंपर्क से जारी प्रेस विज्ञप्ति अनुसार जिले में लगातार सूखे राशन के वितरण एवं महापुरुषों के छायाचित्र के बाजार मूल्य से अधिक दर पर स्कूलों को वितरण किए जाने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने दोनों ही मामलों हेतु एसडीएम के द्वारा जांच के निर्देश दिए थे। जिसकी जांच रिपोर्ट आने पर कलेक्टर ने जांच प्रतिवेदन के अनुसार प्राथमिक तौर पर कोण्डागांव के बीईओ एवं बीआरसी को उचित कार्यवाही ना करते हुए योजनाबद्ध रूप से वित्तीय अनियमितता हेतु पद से पृथक्करण के निर्देश दिए हैं। 
जिसके तहत कोण्डागांव में प्रभारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में पदस्थ व्याख्याता संदीप श्रीवास्तव एवं बीआरसी कोण्डागांव के रूप में पदस्थ प्रधान पाठक अवधेश पांडे को तत्काल प्रभाव से अपने पदों से पृथक करते हुए उनकी मूल स्थापना में पदस्थ कर दिया गया है। जिसके पश्चात संदीप श्रीवास्तव को उनकी मूल स्थापना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोनाबाल एवं अवधेश पांडे को शासकीय उच्च माध्यमिक शाला बोलबोला में पदस्थ किया गया है।। 
उल्लेखनीय है कि लिखित शिकायतों के माध्यम से कोण्डागांव के विभिन्न स्कूलों में महापुरुषों के छायाचित्र बाजार मूल्य से अधिक दर पर बिना किसी शासकीय आदेश के प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में भेज कर बिलों के भुगतान हेतु दबाव डाले जाने के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई थी। उसकी जांच में पाया गया कि योजनाबद्ध तरीके से इस वित्तीय अनियमितता हेतु कार्य किया गया था। वहीं सूखे राशन के वितरण हेतु भी लिखित शिकायत प्राप्त होने पर कलेक्टर ने जांच हेतु निर्देशित किया था। जिसकी जांच में सुखा राशन वितरण में भी गंभीर अनियमितताओं की शिकायत को सही पाया गया।
जिस पर कलेक्टर ने पद पृथक्करण के पश्चात बस्तर संभाग के आयुक्त को पत्र द्वारा बीईओ एवं बीआरसी को जांच प्रतिवेदन के आधार पर गंभीर आरोपों का दोषी मानते हुए निलंबित करने हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया है। इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने सभी विकास खंडों में हो रहे खाद्यान्न वितरण की जांच हेतु एसडीएम स्तर पर जांच के निर्देश दिए हैं।

शायद अगली बारी वाटर प्यूरीफायर में हुए अनियमितता पर
जिला प्रशासन को नगर के जागरूक लोगों के द्वारा पूर्व में लिखित शिकायत की है कि, रूर्बन योजना से 24 स्कूलो में वाटर प्यूरीफायर में भारी भरकम अनियमितता हुई है जिस पर भी जांच करा कर अनियमितता करने वाले लोगों पर कार्यवाही करें ताकि कोई भी अनियमिता करने से पहले सौ बार सोचें।
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