Ghansyam Sharma / Wed, Jun 9, 2021 / Post views : 149
लोगों के जेहन में खाकी वर्दी को लेकर एक अलग छवि बनी हुई है. लोगों को लगता है कि खाकी वर्दी पहनने वाले खडूस होते हैं. उनमें हमदर्दी और दया नाम की कोई चीज नहीं होती. वे केवल अपनी रोब से कानून का पालन कराने का काम करते हैं. आम जनमानस से जुड़े व्यक्तिगत मूल्यों से उन्हें कोई लेना-देना नहीं रहता, लेकिन जब वही खाकी वर्दी वाले मानवीय संवेदना से जुड़े काम करते हैं, तो लोगों के लिए यह किसी आश्चर्य से कम नहीं होता.
गरियाबंद। पुलिस का मानवीय चेहरा जिला मुख्यालय गरियाबंद में देखने को मिला है. सिटी कोतवाली पुलिस के जवानों ने शहर के कुछ समाजसेवियों के साथ मिलकर एक अज्ञात महिला का पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया. जवानों ने न केवल महिला का अंतिम संस्कार किया, बल्कि उसकी अर्थी को कंधा भी दिया.
सड़क हादसे में महिला की हुई मौत
सिटी कोतवाली प्रभारी वेदवती दरियो ने बताया कि अज्ञात महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त थी. सप्ताहभर से दर्रीपारा गांव घूम रही थी. सोमवार शाम 7:30 बजे सरस्वती शिशु मंदिर के पास एक बाइक सवार की ठोकर से वह जख्मी हो गई. महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना की रिपोर्ट सिटी कोतवाली में दर्ज कराई गई. पुलिस ने मर्ग कायम कर शव पंचनामा कार्रवाई किया.
पुलिसकर्मियों ने अर्थी को दिया कंधा
आसपास के गांवों में उक्त महिला के परिजनों का पता तलाश किया गया. मगर जब मृतिका के परिजनों का कोई पता नहीं चला, तो सिटी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक वेदवती दरियो के नेतृत्व में मृतिका के अंतिम संस्कार का फैसला लिया गया. पुलिसकर्मियों ने ही मृतिका महिला की अर्थी को कंधा दिया. पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया. पुलिस के इस नेक कार्य और मानवीय चेहरा को देख आम जनता भी जमकर सराहना कर रही है.
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