Ghansyam Sharma / Fri, May 16, 2025 / Post views : 121
बिलासपुर। पत्रिका लुक
अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय के सभागार में शुक्रवार को "एक राष्ट्र, एक चुनाव" विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि उपमुख्यमंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी अरुण साव ने अध्यक्षता की। संगोष्ठी में सर्वसम्मति से एक राष्ट्र, एक चुनाव की आवश्यकता को समर्थन देते हुए प्रस्ताव पारित किया गया और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी गई।
कुलपति ए.डी.एन. वाजपेई ने यह प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री को सौंपा, जिससे इसे प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जा सके। तोखन साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में क्रांतिकारी साबित होगा। एक साथ चुनाव होने से प्रशासनिक स्थिरता आएगी, समय और संसाधनों की बचत होगी, और विकास कार्यों पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि बार-बार चुनाव होने से लगभग 12,000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, जबकि एक साथ चुनाव से यह खर्च बचाया जा सकता है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लोकतंत्र भारत की आत्मा है और एक साथ चुनाव कराना इसकी मजबूती के लिए आवश्यक है। उन्होंने उल्लेख किया कि 1951 से 1967 तक देश में एक साथ चुनाव होते थे, लेकिन बाद में यह प्रक्रिया बाधित हो गई। आज बार-बार चुनाव होने से विकास प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में हाल ही में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराए गए, जो 80 दिन की जगह 40 दिन में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
संगोष्ठी में विधायक धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, महापौर पूजा विधानी, सभापति विनोद सोनी, दीपक ठाकुर, मोहित जायसवाल समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, प्राध्यापक और नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका "कन्हार" का ई-विमोचन भी किया गया।
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