Ghansyam Sharma / Tue, Apr 22, 2025 / Post views : 174
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
बस्तर के समग्र विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने कृषि एवं सहयोगी क्षेत्रों को केंद्र में रखते हुए ठोस कार्ययोजना तैयार की है। कोंडागांव में आयोजित संभाग स्तरीय रबी समीक्षा बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने अधिकारियों को खरीफ 2025 की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि बस्तर की उर्वर भूमि और अनुकूल वातावरण को देखते हुए जैविक खेती, मिलेट्स, दलहन-तिलहन और मसाला फसलों के क्षेत्र का विस्तार किया जाए। उन्होंने महिला कृषकों सहित अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को बीज उत्पादन कार्यक्रम से जोड़ने पर बल दिया।
धान के रकबे में कमी लाकर मक्का, कोदो-कुटकी और रागी जैसी मोटे अनाज की फसलों को बढ़ावा देने की रणनीति पर कार्य किया जाएगा। वहीं, बस्तर को ‘ऑयल पाम हब’ के रूप में विकसित करने की योजना भी बनाई गई है, जिसमें इंटरक्रॉपिंग के लिए लेमनग्रास और पामा रोजा को प्रोत्साहन मिलेगा। खाद-बीज की समय पर उपलब्धता, गुणवत्ता नियंत्रण और फसल ऋण सुलभता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन जैसे सहयोगी क्षेत्रों में भी किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से सहायता दी जाएगी। इस समीक्षा बैठक में बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन विभाग के अधिकारी, विद्युत वितरण कंपनी, मार्कफेड और कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक उपस्थित रहे।
सोत्र-prokgn
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