Ghansyam Sharma / Sat, May 23, 2026 / Post views : 61
कोण्डागांव । पत्रिका लुक
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) बस्तर संभाग ने कांग्रेस और भाजपा पर जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए दोनों दलों की राजनीति की कड़ी आलोचना की है। सीपीआई के संभागीय संयोजक तिलक पांडे ने शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि देश इस समय गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है, लेकिन प्रमुख राजनीतिक दल आपसी आरोप-प्रत्यारोप और “पुतला राजनीति” में उलझे हुए हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि लगातार बढ़ती महंगाई, रुपए का अवमूल्यन, बेरोजगारी, ईंधन संकट और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं शिक्षा व्यवस्था में गिरावट और लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। सीपीआई ने खनिज संसाधनों की लूट और तस्करी को स्थानीय व आदिवासी समुदायों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
पार्टी ने आरोप लगाया कि जनता रोजगार, शिक्षा, महंगाई और संसाधनों के न्यायपूर्ण उपयोग जैसे मुद्दों से जूझ रही है, लेकिन इन विषयों पर गंभीर चर्चा के बजाय राजनीतिक दल केवल एक-दूसरे पर आरोप लगाने में व्यस्त हैं। सीपीआई ने इसे लोकतंत्र और जनहित के प्रति असंवेदनशील रवैया बताया।
सीपीआई ने केंद्र और राज्य सरकारों से महंगाई व ईंधन संकट से राहत देने, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण, सार्वजनिक रोजगार योजनाओं को बढ़ावा देने तथा पेपर लीक मामलों की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने खनिज संसाधनों पर पारदर्शी नीति लागू करने और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी बात कही।
इसके साथ ही सामाजिक व धार्मिक तनाव फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा सामुदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू करने की मांग की गई। सीपीआई ने जनता से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगने की अपील भी की है।
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