Ghansyam Sharma / Fri, May 30, 2025 / Post views : 207
सीएम विष्णुदेव साय ने शिक्षा में सुधार को लेकर जताई प्रतिबद्धता
कोण्डागांव। पत्रिका लूक
सुशासन तिहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोंडागांव जिले के सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम किया। इस दौरान उन्होंने कोंडागांव, बस्तर और सुकमा जिलों के अधिकारियों के साथ चार घंटे से अधिक समय तक विकास कार्यो की समीक्षा बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री के साथ बस्तर सांसद महेश कश्यप और केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम भी उपस्थित रहे। बस्तर संभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद थे।
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य पिछले डेढ़ वर्ष के कार्यों का फीडबैक लेना है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की सेवक है और बेहतर सेवाएं देना उसका कर्तव्य है। प्रशासनिक अधिकारियों को नियमित प्रवास करने और आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के साथ ही विकास कार्यो में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा बयान
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने युक्तियुक्तकरण को लेकर कहा कि यह निर्णय प्रदेश के छात्रों के हित में है और इसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने "ट्रांसफर उद्योग" चलाया, जिससे दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों की भारी कमी हो गई।
उन्होंने बताया कि:
प्रदेश में 300 स्कूल शिक्षक विहीन हो गए हैं।
5000 स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक कार्यरत है।
कई स्कूलों में छात्रों की तुलना में शिक्षक कम हैं, इस असंतुलन को ठीक किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में 33,000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकेगा।
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