Ghansyam Sharma / Wed, Jun 11, 2025 / Post views : 174
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में इन दिनों अवैध रेत खनन का कारोबार चरम पर है। माफिया बेखौफ होकर रात के अंधेरे में नदियों से रेत निकालकर उसे पड़ोसी राज्य ओडिशा तक पहुंचा रहे हैं। आश्चर्यजनक रूप से खनिज विभाग और पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में मूक दर्शक बने हुए हैं। यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए घातक है, बल्कि कानून व्यवस्था और शासन की निष्क्रियता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
माकड़ी ब्लॉक के दण्डवन में अवैध उत्खनन का खुलासा
माकड़ी विकासखंड के ग्राम पंचायत दण्डवन में नारंगी नदी से रात के समय बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। स्थानीय जागरूक ग्रामीणों की सूचना पर जब पत्रकारों की टीम मौके पर पहुंची, तो देखा गया कि कई भारी वाहन (टिपर) रेत भरकर जा रहे थे। एक वाहन चालक राहुल यादव ने बताया कि वह ओडिशा रेत ले जा रहा है और यह वाहन देवनाथ प्रधान का है। उसने यह भी बताया कि वह देवनाथ के कहने पर यह कार्य कर रहा है।
उसी स्थान पर एक पोकलैंड मशीन से भी रेत की खुदाई हो रही थी। मशीन चला रहे व्यक्ति जगबंधु, जो कि ओडिशा का निवासी है, ने बताया कि उसे 2200 रुपये प्रति घंटे की दर से भुगतान किया जा रहा है। हालांकि, उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि खुदाई की गई रेत कहां भेजी जा रही है।
पत्रकारों पर हमला, माइक व मोबाइल छीना
जब मीडिया टीम इस अवैध खनन की कवरेज करके लौट रही थी, तभी लगभग 25–30 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। आक्रोशित लहजे में पत्रकारों से पूछा गया, “यहां किसके कहने पर आए हो?” साथ ही धमकी दी गई, “दोबारा यहां दिखे तो अंजाम भुगतना पड़ेगा।” भीड़ ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि पत्रकारों से झूमाझटकी करते हुए उनका माइक आईडी तोड़ दिया और मोबाइल फोन भी छीन लिया ताकि घटना का कोई वीडियो न बनाया जा सके।
संगठित गिरोह की संलिप्तता के संकेत
यह घटना इस ओर इशारा करती है कि अवैध रेत कारोबार के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो न सिर्फ सरकारी तंत्र को चुनौती दे रहा है, बल्कि चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता पर भी हमला कर रहा है।
पर्यावरण और समाज पर असर
अवैध रेत खनन से नदियों की जैवविविधता पर गंभीर असर पड़ता है। जल स्तर गिरता है, खेतों की उर्वरता कम होती है, पुलों की नींव कमजोर होती है और ग्रामीण इलाकों में जल संकट गहराता है। शासन को राजस्व की भी हानि होती है, क्योंकि यह संपूर्ण प्रक्रिया बिना किसी अनुमति के हो रही है।
देखें वीडियो---
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन