Ghansyam Sharma / Fri, May 30, 2025 / Post views : 178
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के तीसरे चरण के अंतर्गत कोंडागांव, बस्तर और सुकमा जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा की। कोंडागांव कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य डेढ़ वर्ष के कार्यों का फीडबैक लेना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक अधिकारी नियमित प्रवास करें और जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, पीएमजीएसवाय, राजस्व प्रकरणों, सिकल सेल स्क्रीनिंग, शिक्षा व्यवस्था, प्रमाण पत्र वितरण सहित विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने वनोत्पादों के वैल्यू एडिशन पर जोर देते हुए इमली, रेशम, मधुमक्खी पालन व लाख उत्पादन को
बढ़ावा देने की बात कही ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें। साथ ही उन्होंने सुगंधित धान और मक्का की खेती को तकनीकी और जैविक तरीके से बढ़ावा देने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस रिफिलिंग की दर बढ़ाने व प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। सीमांकन संबंधी राजस्व प्रकरणों का 15 जून से पहले निराकरण करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बीजापुर में आत्मसमर्पित माओवादियों को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने आवास योजनाओं में विलंब, राजमिस्त्री की कमी, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण व फॉरेस्ट क्लियरेंस से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, विधायक केशकाल नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसव राजू एस., कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, वन मंडलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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