Ghansyam Sharma / Wed, May 20, 2026 / Post views : 8
जगदलपुर। पत्रिका लुक
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उपस्थित रहे।
बैठक में समाज कल्याण, कुपोषण, शिक्षा, ग्रामीण विकास, वित्तीय समावेशन, कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अमित शाह ने कहा कि समाज कल्याण से जुड़े विषय अत्यंत संवेदनशील हैं और इनके समाधान के लिए सभी राज्यों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने सभी मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों से कुपोषण के खिलाफ केंद्र सरकार की मुहिम में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
गृह मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर बल देते हुए कहा कि स्कूल ड्रॉपआउट दर कम करने और स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए राज्यों को और अधिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने शहरी नियोजन, जन स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार को विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण बताया। अमित शाह ने कहा कि सरकारों का कम से कम 50 प्रतिशत ध्यान ग्रामीण विकास और व्यक्ति को सशक्त बनाने वाली योजनाओं पर होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में हर पांच किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध होना बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि अधिकांश सरकारी योजनाएं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) आधारित हैं। इसलिए राज्यों को वित्तीय समावेशन को और मजबूत करना चाहिए।
अमित शाह ने कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि POCSO और दुष्कर्म मामलों में समय पर DNA जांच होने से दोषसिद्धि की दर काफी बढ़ सकती है। उन्होंने उच्च न्यायालयों से पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष अदालतों के गठन की आवश्यकता बताई। साथ ही राज्यों से 1930 हेल्पलाइन को केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रारूप के अनुरूप लागू करने और कॉल सेंटर को अपडेट करने की अपील की।
बैठक में मिलावटखोरी के मामलों में दोषियों के नाम सार्वजनिक करने पर भी चर्चा हुई। अमित शाह ने कहा कि इससे जनता जागरूक होगी और दोषियों पर कार्रवाई का संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में सफलता मिली है, उसी तरह वर्ष 2029 से पहले हर आपराधिक मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट तक अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाने का लक्ष्य भी पूरा करना होगा।
बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया विभाग के निदेशक, चारों राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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