Ghansyam Sharma / Wed, Oct 14, 2026 / Post views : 33
भानपुरी/विश्रामपुर। पत्रिका लुक
पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भानपुरी, फरसागुड़ा और मुरकुची को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की सड़क की बदहाली तथा विश्रामपुर पंचायत के नागरवाही पारा में विधायक निधि से स्वीकृत 12 लाख रुपये के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
10 दिनों से अधिक समय से बदहाल सड़क
चंदन कश्यप के अनुसार, बारिश के कारण भानपुरी-फरसागुड़ा-मुरकुची मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क की स्थिति खराब हुए 10 दिनों से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई गई है। उन्होंने दावा किया कि इस मार्ग पर पिछले कुछ दिनों में चार से पांच लोग वाहन समेत गिरकर घायल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सड़क की बदहाली से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
पूर्व विधायक ने संबंधित विभाग और प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि सड़क की मरम्मत में देरी क्यों हो रही है? उन्होंने मांग की कि ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए।

विधायक निधि के 12 लाख रुपये के निर्माण कार्य पर सवाल
विश्रामपुर पंचायत के नागरवाही पारा में विधायक निधि से स्वीकृत 12 लाख रुपये के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद पूर्व विधायक चंदन कश्यप मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंचे और निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया।
चंदन कश्यप ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की गुणवत्ता, स्वीकृत राशि और मौके पर किए गए कार्यों की जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
निष्पक्ष जांच की मांग
पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने शासन-प्रशासन से भानपुरी-फरसागुड़ा-मुरकुची मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने तथा नागरवाही पारा में विधायक निधि से स्वीकृत 12 लाख रुपये के निर्माण कार्य की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क और निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों में जिम्मेदार विभागों को समय पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े और सरकारी राशि से कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
आपको बतादें की निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
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