Ghansyam Sharma / Tue, Sep 2, 2025 / Post views : 189
फरसगांव। पत्रिका लुक
बोरगांव का श्मशान घाट जहां लंबे समय से बदहाल हालात में था, वहां अब ग्रामीणों को राहत मिली है। दिवंगत सुशांत सज्जल की पत्नी व प्राचार्या प्रभा सज्जल ने अपने पति की प्रथम पुण्यतिथि पर श्मशान घाट में बैठने की व्यवस्था के लिए शेड निर्माण कराया और इसे ग्राम पंचायत को सौंप दिया।
ज्ञात हो कि अब तक श्मशान घाट की दुर्दशा को लेकर कई बार खबरें प्रकाशित हुईं, लेकिन न प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधियों ने कोई पहल की। ऐसे में प्रभा सज्जल की यह कोशिश समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रमाण है।
श्रीमती सज्जल ने बताया कि जब उनके पति का अंतिम संस्कार हुआ था, तब वहां आए सैकड़ों लोगों के लिए बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी। तभी उन्होंने संकल्प लिया कि पुण्यतिथि तक इस सुविधा को विकसित करेंगी। अपने निजी खर्च से उन्होंने लगभग 60 लोगों के लिए शेड बनवाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कदम न केवल ग्रामीणों के लिए सहूलियत भरा है, बल्कि शासन-प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाता है। जब व्यवस्था चूक जाती है, तब समाज के जागरूक नागरिक ही आगे आकर समाधान खोजते हैं।
गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने इसे प्रेरणादायी पहल बताते हुए कहा कि अब ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी है कि इस ढांचे की देखभाल करे और इसे अन्य ग्रामीणों के लिए उदाहरण बनाए।
प्रभा सज्जल का यह कदम बोरगांव ही नहीं, पूरे क्षेत्र के लिए संदेश है कि संवेदनशील सोच और सकारात्मक प्रयास से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
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