Ghansyam Sharma / Fri, Sep 12, 2025 / Post views : 201
कोण्डागांव। पत्रिका लुक (सरला यादव)
कोण्डागांव के बाजारपारा की 35 वर्षीय सावित्री कोर्राम का जीवन लगातार संघर्षों से गुजर रहा था। पति की मौत के बाद चार बच्चों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। घर चलाने के लिए उन्होंने दूसरों के घरों में झाड़ू–पोछा और बर्तन धोने का काम शुरू किया। इसी बीच उन्हें लघुशंका की तकलीफ बढ़ती गई और जांच में पता चला कि उनकी एक किडनी पूरी तरह खराब हो चुकी है। महंगे इलाज का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था, जिससे वे अधूरे इलाज के साथ लौट आईं। 4 सितंबर को जिला अस्पताल कोण्डागांव में डॉ. एस. नगुलन व उनकी टीम ने लेप्रोस्कोपिक तकनीक से सावित्री का ऑपरेशन किया। करीब तीन घंटे चले इस जटिल ऑपरेशन में खराब किडनी सफलतापूर्वक निकाली गई। ऑपरेशन के बाद अब सावित्री तेजी से स्वस्थ हो रही हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा—“गरीबी और बीमारी ने जिंदगी खत्म कर दी थी, लेकिन जिला अस्पताल और आयुष्मान कार्ड ने मुझे नया जीवन दिया।”
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