Ghansyam Sharma / Fri, May 8, 2026 / Post views : 36
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
लोक निर्माण विभाग कोण्डागांव के अंतर्गत बड़े बेन्दरी से शंकर नगर तक बन रही 3.600 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। निर्माण कार्य मेसर्स मां दन्तेश्वरी कंस्ट्रक्शन, कोण्डागांव द्वारा कराया जा रहा है। इस परियोजना में 5 पुलिया एवं लगभग 1600 से 1700 मीटर आरसीसी नाली निर्माण कार्य शामिल है। कार्य की स्वीकृत लागत 3.83 लाख रुपये बताई गई है। कार्य आदेश 1 जुलाई 2025 को जारी किया गया था तथा निर्माण अवधि 4 माह निर्धारित की गई है। ग्रामीणों ने सड़क एवं नाली निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में केवल मिक्स गिट्टी बिछाकर ऊपर से पानी डालकर उसे दबाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार का निर्माण लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रहेगा।
जानकारों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग के सड़क निर्माण के तकनीकी मानकों के अनुसार बिटुमिनस/डामर सड़क निर्माण में मिक्स प्लांट से तैयार निर्धारित ग्रेड के एग्रीगेट (गिट्टी) एवं डस्ट के मिश्रण का उपयोग किया जाता है। इसमें
सामान्यतः WMM मिक्स में 40 एमएम, 20 एमएम, 10 एमएम, एवं डस्ट/इक्नियर मटेरियर को तय अनुपात में मिलाकर निर्माण कार्य किया जाता है, जिससे सड़क की मजबूती एवं गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर निर्धारित मानकों के अनुरूप मिक्स प्लांट से तैयार सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा, जो निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वहीं सड़क किनारे बनाई जा रही आरसीसी नाली निर्माण कार्य में भी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण शुरू होते ही कई स्थानों पर नाली टूटने लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
निर्माण स्थल पर लगाए जाने वाले सूचना एवं साइन बोर्ड भी व्यवस्थित रूप से नहीं लगाए गए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक संबंधित साइन बोर्ड सड़क किनारे फेंका हुआ पड़ा है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि वह इसी निर्माण कार्य का बोर्ड है या किसी अन्य कार्य का। इससे निर्माण स्थल पर सुरक्षा एवं पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने, निर्माण सामग्री की तकनीकी जांच करवाने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
इस मामले में संबंधित PWD इंजीनियर हरीश नेताम ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में लाया गया है। निर्माण स्थल की जांच की जायेगी और यदि कार्य गुणवत्ता विहीन पाया जाता है तो उसे तोड़कर दोबारा निर्माण कराया जाएगा। बरहाल देखना होगा कि संबंधित विभाग कब तक कार्रवाही करता है या फिर कार्रवाही के नाम पर लीपापोती करती है, यह तो आने वाला समय भी बताएगा।
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