Ghansyam Sharma / Thu, Sep 11, 2025 / Post views : 182
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की आत्मीयता ने छुआ श्रमिक परिवार का दिल, बेटी प्रतिज्ञा ने थामा सपनों का रास्ता
रायपुर। पत्रिका लुक
एक माँ की आँखों में चमक, चेहरे पर गर्व और शब्दों में छलकता भाव—यह तस्वीर है रायपुर की नंदिनी यादव की, जो रोज़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। उनकी बेटी प्रतिज्ञा का चयन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में हुआ है। अब वह छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध में इंग्लिश मीडियम में पढ़ सकेगी।
नंदिनी बताती हैं कि आर्थिक तंगी के कारण वह अपनी बिटिया को अच्छे स्कूल में दाखिला नहीं दिला पा रही थीं। कई बार अन्य बच्चों को पढ़ते देख उनके मन में कसक उठती थी। लेकिन जब प्रतिज्ञा का नाम योजना में आया तो उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। नंदिनी कहती हैं—“यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है।”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान उन्होंने अपनी भावनाएँ साझा कीं। मुख्यमंत्री ने बच्ची को बधाई देते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन की नई दिशा देने का माध्यम बनेगी।
प्रतिज्ञा का सपना बड़ा है। वह सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहती है। इंग्लिश मीडियम शिक्षा और बेहतर संसाधनों से अब यह सपना साकार होने की राह पर है। मुख्यमंत्री ने भी उसकी सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सपनों से ही देश की नींव मजबूत होती है।
नंदिनी ने बताया कि सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें पक्का घर, उज्ज्वला योजना से रसोई गैस और सासू माँ को सिलाई मशीन मिली है। इन योजनाओं ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी है।
गौरतलब है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत छठी से बारहवीं तक पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाती है। नंदिनी अब निश्चिंत हैं कि उनकी बच्ची का भविष्य सुरक्षित है। यह कहानी सिर्फ एक माँ-बेटी की नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की है जिनके सपनों को सरकार साकार कर रही है।
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