Ghansyam Sharma / Thu, Sep 11, 2025 / Post views : 173
52,000 करोड़ के निवेश से बस्तर बना औद्योगिक और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का नया केंद्र
नया बस्तर – निवेश, विकास और विश्वास की नई पहचान
जगदलपुर। पत्रिका लुक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कहा कि “बस्तर अब संघर्ष और उपेक्षा की भूमि नहीं, बल्कि विकास, निवेश और रोजगार का केंद्र बन रहा है। रेल, सड़क, स्वास्थ्य और उद्योग की नई परियोजनाएँ न केवल इस क्षेत्र की तस्वीर बदलेंगी बल्कि युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देंगी। आने वाले समय में बस्तर देश के विकास का आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।”
उपमुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्री भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर बस्तर के समग्र विकास के लिए काम कर रही हैं और आने वाले वर्षों में यह संभाग छत्तीसगढ़ के सबसे विकसित क्षेत्रों में गिना जाएगा।
निवेश और विकास की नई तस्वीर
बस्तर आज विकास की स्वर्णिम सुबह का प्रतीक बन रहा है। कभी नक्सलवाद और उपेक्षा की पहचान वाला यह इलाका अब उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और पर्यटन के क्षेत्र में नई दिशा प्राप्त कर रहा है। राज्य और निजी क्षेत्र मिलकर यहाँ लगभग ₹52,000 करोड़ का निवेश कर रहे हैं। इससे बस्तर तेजी से औद्योगिक और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का नया केंद्र बन रहा है।
रेल और सड़क परियोजनाएँ
बस्तर की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए रेल और सड़क क्षेत्र में लगभग ₹7,500 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। रावघाट–जगदलपुर नई रेल लाइन (₹3,513 करोड़) और केके रेल लाइन का दोहरीकरण इस क्षेत्र को देश के अन्य हिस्सों से मजबूत जोड़ेगा। वहीं धमतरी–कांकेर–कोंडागांव–जगदलपुर मार्ग का वैकल्पिक रास्ता अबूझमाड़ होते हुए दंतेवाड़ा और बीजापुर तक पहुँचेगा। इससे पर्यटन और व्यापार के साथ नक्सलवाद उन्मूलन प्रयासों को भी गति मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा निवेश
जगदलपुर में 350 बेड का मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज ₹550 करोड़ की लागत से स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 33 करोड़ और 85 करोड़ की लागत से दो और मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाए जा रहे हैं। ये संस्थान आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराएँगे और युवाओं को रोजगार देंगे।
कृषि, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा
बीजापुर, नारायणपुर, बस्तर और कोंडागांव में राइस मिल और फूड प्रोसेसिंग इकाइयाँ किसानों की आय बढ़ाएँगी। नारायणपुर में पार्श्वा एग्रीटेक प्रतिवर्ष 2,400 टन परबॉयल्ड चावल का उत्पादन करेगी। डेयरी, वेयरहाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज परियोजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी। पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी नए निवेश से बस्तर की पारंपरिक कारीगरी और प्राकृतिक सुंदरता को वैश्विक पहचान मिलेगी।
योजनाओं से सशक्त हो रहा आमजन
पीएमएफएमई और पीएमईजीपी योजनाओं के तहत छोटे उद्यमियों, किसानों और युवाओं को करोड़ों रुपये की सहायता दी जा रही है। इनसे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
निष्कर्ष
रेल, सड़क, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और पर्यटन में हो रहे निवेश ने बस्तर को संघर्ष की भूमि से संपर्क, समृद्धि और सुरक्षा का प्रतीक बना दिया है। यह बदलाव न केवल बस्तर की तस्वीर बदल रहा है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की गाथा भी लिख रहा है।
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