Ghansyam Sharma / Tue, Jul 1, 2025 / Post views : 170
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
जिला मुख्यालय के राम मंदिर तालाब सौंदर्यीकरण कार्य में अनियमितता के आरोपों ने राजनीतिक रंग ले लिया है। तालाब की मेड पर हाईवे से सटे हिस्से में बनाई गई रेलिंग व रिटर्निंग वॉल पहली ही बारिश में भरभरा कर गिर गई। दो करोड़ की लागत से चल रहे इस कार्य की पोल खुलने के बाद पूरे नगर में चर्चा का विषय बन गया है।
रेलिंग व रिटर्निंग वॉल टूटने की घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। एक राजनीतिक व्यक्ति द्वारा इस घटना को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के बाद यह मामला तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस पदाधिकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दीपेश अरोरा ने कमेंट कर कांग्रेस शासन में हुए घटिया निर्माण को जिम्मेदार ठहराते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं, कांग्रेस के शहर अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन ने जवाब में कहा कि यह वाल निर्माण भाजपा शासनकाल का है और संबंधित ठेकेदार भाजपा से जुड़ा व्यक्ति है।


इन बयानबाजियों के बीच नगर में आम जनता का गुस्सा भी सामने आया। लोगों का कहना है कि चाहे कोई भी पार्टी सत्ता में हो, दोनों ही पक्षों की सरकारों में इस तरह के घटिया निर्माण सामने आते रहे हैं। उनका आरोप है कि विकास कार्य भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ चुके हैं।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं यह दिखाती हैं कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि राजनीति से ऊपर उठकर जांच की जानी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाहियां न दोहराई जाएं।
नगरवासियों का यह भी कहना है कि जब सत्ता परिवर्तन होता है, तो केवल आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू हो जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
अब देखना यह होगा कि राम मंदिर तालाब सौंदर्यीकरण कार्य की वास्तव में जांच होती है या फिर यह मामला केवल सोशल मीडिया पोस्ट तक ही सीमित रह जाएगा। जनता चाहती है कि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में पारदर्शिता के साथ गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य किए जाएं।
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