Ghansyam Sharma / Tue, Aug 25, 2026 / Post views : 36
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
देश में चीनी के लगातार बढ़ते दामों पर तत्काल नियंत्रण लगाने, जमाखोरी एवं कालाबाजारी रोकने तथा आम जनता को सस्ती दर पर चीनी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला परिषद कोण्डागांव ने प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
सीपीआई जिला परिषद के जिला सचिव शैलेष, सह सचिव दिनेश एवं जयप्रकाश सहित अन्य कम्युनिस्ट कार्यकर्ताओं ने 25 अगस्त को यह ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने कहा कि चीनी दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तु है। इसकी कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर गरीब, मजदूर, किसान, निम्न-मध्यम वर्ग और छोटे दुकानदारों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है।
ज्ञापन में उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया कि अगस्त 2025 में चीनी का औसत खुदरा मूल्य करीब 46.34 रुपये प्रति किलो था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर लगभग 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। पार्टी ने कहा कि कीमतों में इस बढ़ोतरी से चाय, मिठाई, बेकरी, होटल, आंगनबाड़ी, छात्रावासों सहित आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है।
सीपीआई ने केंद्र सरकार से चीनी के बढ़ते खुदरा मूल्य पर तत्काल नियंत्रण लगाने और उचित अधिकतम खुदरा मूल्य घोषित करने की मांग की। साथ ही घरेलू बाजार के लिए पर्याप्त चीनी कोटा जारी करने, चीनी मिलों, थोक व्यापारियों एवं बड़े भंडारकों के स्टॉक की जांच कराने तथा जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
पार्टी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को नियंत्रित दर पर चीनी उपलब्ध कराने तथा आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में इसकी उपलब्धता और कीमतों की विशेष निगरानी की मांग भी रखी।
ज्ञापन में जिला स्तर पर चीनी के थोक एवं खुदरा मूल्य की नियमित जांच, करों एवं अन्य शुल्कों की समीक्षा तथा चीनी की कीमत बढ़ने के वास्तविक कारण और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई। इस दौरान सीपीआई कार्यकर्ताओं ने बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से चीनी भी भेंट की।
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