Ghansyam Sharma / Mon, Sep 15, 2025 / Post views : 173
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कोण्डागांव। पत्रिका लुक ( सरला यादव)
आदिवासी संस्कृति और आस्था के महापर्व बस्तर दशहरा को लेकर जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने की। इसमें जिलेभर से आये मांझी, गायता, चालकी एवं देव पुजारियों ने भाग लिया।
कलेक्टर ने कहा कि बस्तर दशहरा केवल एक पर्व नहीं बल्कि आदिवासी समाज की परंपरा और आस्था का जीवंत प्रतीक है। इस वर्ष भी पूर्व परंपराओं का निर्वाह करते हुए जिले से जाने वाले मांझी, पुजारी और चालकी सहित देव प्रतिमाओं के लिए लाने-ले जाने की संपूर्ण व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जाएगी। साथ ही उनके रुकने, भोजन एवं अन्य आवश्यक इंतजाम भी सुनिश्चित होंगे।
बैठक में उपस्थित मांझी और पुजारियों ने भी अपने-अपने सुझाव दिए। उन्होंने यात्रा व्यवस्था, ठहरने के स्थान और सुरक्षा को लेकर अपनी अपेक्षाएं साझा कीं। कलेक्टर ने सभी का ध्यानपूर्वक संज्ञान लेते हुए कहा कि बस्तर दशहरे में शामिल होने वाले किसी भी प्रतिनिधि को असुविधा न हो, यह प्रशासन की प्राथमिकता होगी।
बैठक में अपर कलेक्टर चित्रकांत चार्ली ठाकुर सहित जिलेभर से आये मांझी, गायता एवं चालकी मौजूद रहे। प्रशासन और परंपरा के बीच संवाद और सहयोग का यह आयोजन बस्तर दशहरे को और अधिक गरिमामय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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