Ghansyam Sharma / Sat, Sep 13, 2025 / Post views : 164
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
जिले में हुई दो दर्दनाक घटनाओं—आंगनबाड़ी केंद्र में करंट से मासूम की मौत और जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत—ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। इन दोनों मामलों पर जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार और प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह हादसे शासन-प्रशासन की गंभीर लापरवाही और स्वास्थ्य तंत्र की बदहाली का परिणाम हैं। दोनों मृतक परिवार को दस-दस लाख रुपए मुआवजा की मांग की हैं
पहला मामला – आंगनबाड़ी केंद्र में करंट से मौत
ग्राम पदेली स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में ढाई वर्षीय मासूम महेश्वरी यादव की मौत करंट लगने से हो गई। बताया जा रहा है कि भवन निर्माण के बाद भी वर्षों से खुले तार से बिजली सप्लाई हो रही थी। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि अधिकारी नियमित निरीक्षण और दौरे के दौरान ऐसी खामियों पर ध्यान क्यों नहीं देते? जिलाध्यक्ष बुधराम नेताम ने कहा कि सरकार ने केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और निरीक्षक पर कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास किया है। जबकि वास्तविक जिम्मेदारी उन अधिकारियों की है, जिनकी लापरवाही से यह स्थिति बनी। कांग्रेस ने मांग की कि मृतक परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा दिया जाए और दोषी अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज हो।
दूसरा मामला – जिला अस्पताल में बच्ची की मौत
जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सात वर्षीय गंगा नेताम की मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिला अस्पताल दिनोंदिन बदहाल होता जा रहा है। आवश्यक दवाओं, उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से लोग परेशान हैं और आखिरकार इसकी कीमत मासूमों की जान से चुकानी पड़ रही है। पूर्व जिलाध्यक्ष झूमूकलाल दीवान ने कहा कि जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए साथ ही 10 लाख का मुआवजा दिया जाए।
कांग्रेस का सवाल – क्या यही सुशासन है?
कांग्रेस नेताओं ने प्रेसवार्ता में भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “क्या मासूम बच्चों की जान इतनी सस्ती है कि बर्खास्तगी और निलंबन से शासन-प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाएगा? क्या मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री इन घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेंगे?
चेतावनी – सड़क से सदन तक आंदोलन
कांग्रेस ने स्पष्ट कहा कि यदि दोनों मामलों में जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। जिलाध्यक्ष बुधराम नेताम ने कहा कि यह राजनीति का नहीं बल्कि न्याय और हक की लड़ाई है। कांग्रेस दोनों पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर स्तर पर उनकी आवाज बुलंद करेगी।
प्रेसवार्ता में मौजूद रहे नेता
कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष बुधराम नेताम, पूर्व जिलाध्यक्ष झूमूकलाल दीवान, जिला उपाध्यक्ष तरुण गोलछा, प्रभारी महामंत्री रितेश पटेल, नंदू दीवान, रविन्द्र दीवान, गीतेश बघेल और बुधराम मरकाम मौजूद रहे।
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