Ghansyam Sharma / Fri, Jul 18, 2025 / Post views : 199
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
बिजली दरों में हुई वृद्धि और प्रदेश में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती के विरोध में कांग्रेस ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार यह प्रदर्शन कांग्रेस ब्लॉक कार्यकारिणी अध्यक्ष संजय करन के नेतृत्व में किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी दहीकोंगा चौक में एकत्र हुए और वहां से रैली निकालते हुए बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने घेराव कर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरना स्थल पर कांग्रेस प्रवक्ताओं ने अपने उद्बोधन में कहा
जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, तब से शहर से लेकर गांव तक बिजली लगातार ‘गोल’ हो रही है। अघोषित कटौती से आम जनता, किसान और छोटे व्यापारी बुरी तरह परेशान हैं। इसके ऊपर से बिजली दरों में बढ़ोतरी कर सरकार ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।
धरने के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने नयाब तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल रामेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को जनविरोधी, किसान विरोधी और मजदूर विरोधी बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया कि घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 10 से 20 पैसे, व्यवसायिक उपयोग पर 25 पैसे और कृषि पंपों की बिजली पर 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। यह उस समय किया गया है जब किसान पहले से खाद, बीज की महंगाई और बिजली कटौती से जूझ रहा है।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया गया कि "बिजली बिल हाफ योजना", बीपीएल परिवारों को 40 यूनिट मुफ्त बिजली और किसानों को एचपी तक निशुल्क कनेक्शन जैसी जनहितकारी योजनाएं चलाई गई थीं, जिनसे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिली थी।
कांग्रेसजनों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं को अनावश्यक बिल भेजे जा रहे हैं, और अब अडानी की कंपनी के प्रीपेड मीटर थोपने की तैयारी चल रही है, जिससे आम आदमी और गरीब तबके को और अधिक बोझ सहना पड़ेगा।
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिजली दरों में वृद्धि का फैसला वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगी।
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