Ghansyam Sharma / Mon, Sep 15, 2025 / Post views : 166
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला परिषद् कोण्डागांव ने सोमवार को कलेक्टर कोण्डागांव को ज्ञापन सौंपकर बस्तर संभाग की खनिज सम्पदा का दोहन स्थानीय सहकारी समितियों के माध्यम से कराने की मांग की। यह ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित था।
ज्ञापन में कहा गया है कि आदिवासी बहुल बस्तर संभाग की खनिज सम्पदा, जल-जंगल-जमीन पर स्थानीय समुदाय का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। इस संबंध में छह सूत्रीय मांगें रखी गईं—
ज्ञापन राज्य परिषद् सदस्य तिलक पांडे के निर्देश पर शैलेश, जयप्रकाश, दिनेश, सोमारु, रामचंद सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों ने चेतावनी दी कि मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार न होने पर सीपीआई उग्र आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञात हो कि बस्तर संभाग खनिज सम्पदा से समृद्ध है। वर्ष 1994 में केंद्र सरकार ने तात्कालीन सांसद दिलीप सिंह भूरिया की अध्यक्षता में भूरिया समिति गठित की थी, जिसका उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में जल-जंगल-जमीन व खनिज संसाधनों पर स्थानीय समुदाय का अधिकार सुनिश्चित करना था। समिति ने रिपोर्ट सौंप दी थी, लेकिन सरकार ने उसकी सिफारिशों को लागू नहीं किया।
सीपीआई का कहना है कि वर्तमान में पूंजीपति घराने बस्तर की खनिज सम्पदा पर नजर गड़ाए हुए हैं, जिससे न केवल पर्यावरण बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक ताना-बाना भी प्रभावित हो सकता है। पार्टी ने साफ किया है कि जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए उसका संघर्ष जारी रहेगा।
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