Ghansyam Sharma / Tue, Jul 28, 2026 / Post views : 16
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
कलेक्टर जिला कोण्डागांव को संबोधित "प्राथमिक से लेकर उच्च स्तरीय समस्त शासकीय विद्यालयों में प्रत्येक कक्षा में एक-एक शिक्षक की व्यवस्था करने तथा शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य न कराने" विषयक एक आवेदन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला परिषद कोण्डागांव के जिला सचिव शैलेश, सहायक सचिव दिनेश तथा अन्य कार्यकर्ताओं सोमारु और रामकुमार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के राज्य सचिव के. साजी एवं सचिव मंडल सदस्य तिलक पाण्डे के निर्देश पर 28 जुलाई 2026 को जिला कार्यालय में सौंपा गया।
सीपीआई कोण्डागांव ने अपने आवेदन में कहा है कि आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाला कोण्डागांव जिला भी आदिवासी बहुल क्षेत्र है। जिले की अधिकांश आबादी गांवों में निवास करती है, जहां आदिवासी समुदाय सहित अन्य वर्गों के लोग रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा गांव-गांव में विद्यालय भवनों का निर्माण एवं समय-समय पर उनकी मरम्मत पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपेक्षित गुणवत्ता की शिक्षा नहीं मिल पा रही है।
सीपीआई का कहना है कि केवल विद्यालय भवनों के निर्माण एवं मरम्मत पर खर्च करने से शिक्षा स्तर में सुधार नहीं होगा। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रत्येक कक्षा में एक-एक शिक्षक की नियुक्ति आवश्यक है। साथ ही शिक्षकों से जनगणना, चुनाव, सर्वेक्षण और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं कराए जाने चाहिए, ताकि वे पूरा समय विद्यार्थियों के शिक्षण कार्य में दे सकें।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि शिक्षकों की कमी और गैर-शैक्षणिक कार्यों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसका परिणाम यह है कि बड़ी संख्या में आदिवासी एवं अन्य वर्गों के विद्यार्थी 10वीं-12वीं तक पहुंचने के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अभाव में आदिवासी क्षेत्रों के युवा राज्य के अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाते और रोजगार के अवसरों से वंचित रह जाते हैं।
सीपीआई ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मांग को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर आवश्यक पत्राचार कर प्रत्येक कक्षा में शिक्षक की व्यवस्था तथा शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं कराने के संबंध में शीघ्र उचित कदम उठाए जाएं।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो सीपीआई कोण्डागांव आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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