Ghansyam Sharma / Sat, Mar 21, 2026 / Post views : 434
कोण्डागांव । पत्रिका लुक (नरेंद्र सेठिया)
जिले के बड़ेराजपुर विकासखंड अंतर्गत टेवंसा, छोटेराजपुर, पाडोकी और बड़ेराजपुर गांवों में बीती शाम मौसम ने अचानक करवट लेते हुए किसानों पर कहर बरपा दिया। तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश के साथ हुई भारी ओलावृष्टि ने पूरे इलाके को बर्फ की सफेद चादर में तब्दील कर दिया। हालात ऐसे बने कि खेतों, सड़कों और घरों के आसपास मोटी परत में ओले जम गए, जो घटना के 12 घंटे बाद भी पिघल नहीं पाए हैं।
इस अभूतपूर्व ओलावृष्टि से क्षेत्र के किसानों की मक्का, धान और चना की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है। कई किसानों की खड़ी फसल पूरी तरह जमीन पर गिर गई है, जबकि कुछ खेतों में ओलों की मोटी परत के नीचे फसल दबकर खराब हो गई है। किसानों का कहना है कि यह समय फसलों के पकने का था और कुछ ही दिनों में कटाई शुरू होने वाली थी, लेकिन अचानक आई इस आपदा ने उनकी पूरी मेहनत बर्बाद कर दी।

ग्रामीणों ने बताया कि ओलों का आकार काफी बड़ा था और लगातार गिरते ओलों ने खेतों को बर्फीले मैदान में बदल दिया। कई किसानों ने इसे शिमला-मनाली जैसी बर्फबारी बताया, जो इस क्षेत्र के लिए बेहद असामान्य है। ओलावृष्टि के कारण न केवल फसल, बल्कि खेतों की मेड़ें और सब्जी उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए किसान अब शासन-प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस नुकसान से उनकी सालभर की आय खत्म हो गई है और यदि जल्द राहत नहीं मिली तो उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। कई किसानों ने यह भी आशंका जताई है कि कर्ज की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि खबर लिखे जाने तक कोई भी संबंधित अधिकारी या राजस्व विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी, जिससे किसानों में आक्रोश और निराशा दोनों देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा के बावजूद प्रशासन की अनुपस्थिति गंभीर लापरवाही को दर्शाती है।
स्थानीय स्तर पर किसान स्वयं नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं, लेकिन आधिकारिक सर्वे के अभाव में सही आंकड़ा सामने नहीं आ पा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन जल्द प्रभावित गांवों का दौरा कर वास्तविक स्थिति का जायजा लेगा और राहत कार्य शुरू करेगा।
भुवनलाल जैन लेम्पस अध्यक्ष, बड़ेराजपुर ने कहा "इतनी भीषण ओलावृष्टि कभी नहीं देखी, पूरी फसल चौपट हो गई है।"
जय राम नेताम किसान ने कहा "कटाई के पहले ही सब खत्म हो गया, अब सरकार से ही उम्मीद है।"
लखन मरकाम किसान ने कहा ओलों की मोटी परत ने खेत ढक दिए, फसल पूरी तरह दब गई है।"
राम मंडावी किसान ने कहा प्रशासन अभी तक नहीं पहुंचा, हम लोग परेशान हैं, मुआवजा जरूरी
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