Ghansyam Sharma / Fri, Jun 5, 2026 / Post views : 9
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
बस्तर संभाग में लगातार बढ़ती महंगाई और हाल ही में बस किराए में हुई भारी वृद्धि के विरोध में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) जिला परिषद् कोण्डागांव ने शुक्रवार को अनुविभागीय दण्डाधिकारी कोण्डागांव को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम संबोधित किया गया। ज्ञापन के माध्यम से सीपीआई ने बस किराया वृद्धि को तत्काल वापस लेने तथा आम जनता, किसानों और मजदूरों को राहत प्रदान करने की मांग की है।
सीपीआई नेताओं ने कहा कि आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग पहले से ही आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है, जहां लाखों लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बस परिवहन पर निर्भर हैं। रायपुर, बिलासपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों तक पहुंचने के लिए बस यात्रा ही आम जनता का प्रमुख साधन है, क्योंकि रेल एवं अन्य यातायात सुविधाएं यहां बेहद सीमित हैं। ऐसे समय में बस किराए में अचानक ₹200 से ₹250 प्रति यात्री तक की वृद्धि कर देना गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्तमान समय में खाद्य तेल, दाल, चावल, सब्जी, पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। महंगाई के कारण किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति पहले ही कमजोर हो चुकी है। ऐसे हालात में बस किराए में वृद्धि ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
सीपीआई नेताओं ने कहा कि बढ़े हुए किराए का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के किसान अपने कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए बस एवं सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहते हैं। किराया बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ रही है, जिससे किसानों की आय प्रभावित हो रही है। वहीं विद्यार्थी भी इससे प्रभावित हो रहे हैं, जिन्हें रोजाना स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों तक पहुंचने के लिए बसों का सहारा लेना पड़ता है। मरीजों एवं उनके परिजनों को जिला अस्पताल और बड़े शहरों तक इलाज के लिए जाने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूर वर्ग, जो रोजी-रोटी के लिए प्रतिदिन आवागमन करता है, उसके लिए भी बढ़ा हुआ किराया चिंता का विषय बन गया है।
सीपीआई ने ज्ञापन में कहा कि बस्तर संभाग की अधिकांश आबादी आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ी हुई है, जिनकी आय सीमित है। लगातार बढ़ती महंगाई और परिवहन खर्च ने आम जनता की जीवनशैली को प्रभावित किया है। पार्टी ने इसे जनविरोधी निर्णय बताते हुए शासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से सीपीआई ने पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें बस्तर संभाग में बस किराया वृद्धि को तत्काल वापस लेने, किसानों एवं आम यात्रियों को विशेष रियायत देने, राज्य सरकार द्वारा संचालित सस्ती बस सेवाओं का विस्तार करने, बस्तर के लिए स्थायी विशेष यातायात नीति बनाने तथा भविष्य में किराया वृद्धि से पहले जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता से चर्चा करने की मांग शामिल है।
सीपीआई राज्य परिषद् छत्तीसगढ़ के राज्य सचिव एवं बस्तर संभाग संयोजक तिलक पाण्डे के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिला सचिव शैलेष के नेतृत्व में जिला सहायक सचिव दिनेश कुमार मरकाम, लक्ष्मण महावीर, दुबेश मरकाम, बिसम्बर मरकाम, मानसिंह, सोमारु गावड़े, सुधरन, सुदान, केशव सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सीपीआई नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही बस किराया वृद्धि वापस लेकर जनता को राहत नहीं दी, तो पार्टी बस्तर संभाग में व्यापक आंदोलन और जनसंघर्ष शुरू करेगी। नेताओं ने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर सीपीआई लगातार संघर्ष करती रही है और आगे भी आम लोगों के हित में आंदोलन जारी रहेगा।
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