Ghansyam Sharma / Wed, Jun 17, 2026 / Post views : 49
कोण्डागांव । पत्रिका लुक
वन भूमि पर निवास कर रहे आदिवासी परिवारों के मकानों को तोड़े जाने और कथित बेदखली की कार्रवाई के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) कोण्डागांव ने बुधवार को चौपाटी मैदान में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं ग्रामीण शामिल हुए।
धरने को संबोधित करते हुए सीपीआई नेता तिलक पांडे ने आरोप लगाया कि वर्तमान मानसून के दौरान वन विभाग और प्रशासन द्वारा वन भूमि पर निवास कर रहे लोगों के मकानों को बिना पूर्व सूचना के तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों में कई ऐसे लोग हैं जिनके पास वन अधिकार पट्टा है, जबकि कई मामलों में पट्टा प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। इसके बावजूद की जा रही कार्रवाई से ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का वातावरण बन गया है।
तिलक पांडे ने बताया कि तिलियाबेड़ा क्षेत्र में हाल ही में जिन परिवारों के मकान तोड़े गए, उनसे मुलाकात के दौरान प्रभावित लोगों ने अपनी पीड़ा साझा की। ग्रामीणों के अनुसार कार्रवाई के दौरान घरों में रखा अनाज, नगदी और बच्चों के शैक्षणिक दस्तावेज क्षतिग्रस्त हो गए या नष्ट हो गए। भारी बारिश के बीच प्रभावित परिवारों के सामने रहने, भोजन और दैनिक जरूरतों की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मानसून के समय इस तरह की कार्रवाई मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि बारिश के मौसम में मकान तोड़ने और बेदखली की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा प्रभावित परिवारों को राहत एवं मुआवजा प्रदान किया जाए।
सीपीआई नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी व्यापक आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार और जिला प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन