Ghansyam Sharma / Sat, Aug 30, 2025 / Post views : 196
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
जिले के ग्राम शामपुर और ग्राम फुका गिरोला के बीच वन भूमि सीमांकन को लेकर उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। 28 अगस्त को सीमांकन कार्य के दौरान दोनों गांवों में विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट की नौबत आ गई, जिसमें शामपुर के 12 से अधिक ग्रामीण घायल हो गए थे। घायलों में ग्राम पटेल और जनपद सदस्य भी शामिल हैं। घटना के बाद से ही शामपुर के ग्रामीण फुका गिरोला गांव पर हमला करने का आरोप लगा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि घटना को तीन दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर शनिवार को शामपुर के ग्रामीण बड़ी संख्या में कोण्डागांव पहुंचे और एसडीएम कार्यालय, सिटी कोतवाली तथा डीएफओ कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि शामपुर में वन विभाग का कार्यालय तो है, लेकिन वहां कर्मचारी स्थायी रूप से मौजूद नहीं रहते, जिसके चलते विवाद की स्थिति को समय रहते रोका नहीं जा सका। छुट्टी के दिन वन विभाग कार्यालय पहुंचने पर अधिकारियों को बार-बार फोन लगाया गया, लेकिन कॉल रिसीव न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने “वन कर्मचारी मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए।
शामपुर के ग्रामीणों ने बताया कि राज्य सरकार की “एक पेड़ माँ के नाम” योजना के तहत पिछले वर्ष विवादित स्थल पर गांव वालों ने मिलकर 3,000 पौधे लगाए थे। लेकिन फुका गिरोला के ग्रामीणों ने इन पौधों को उखाड़कर वहां उड़दा की खेती कर दी। इस गंभीर मामले में भी वन विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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