Ghansyam Sharma / Tue, Jul 8, 2025 / Post views : 178
आदिवासियों के उत्पीड़न और खाद संकट को लेकर राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
कोंडागांव | पत्रिका लुक
जिले में आदिवासी समुदाय के साथ हो रहे भेदभाव और किसानों को खाद संकट से जूझने की समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय आदिवासी महासभा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने संयुक्त रूप से सोमवार को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कलेक्टर के माध्यम से प्रशासन को भेजा गया।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जंगलों में पेड़ों की अवैध कटाई की शिकायत करने वालों के नाम वन विभाग के अधिकारी स्वयं उजागर कर रहे हैं, जिससे शिकायतकर्ता खतरे में पड़ जाते हैं। ऐसे मामलों में मारपीट और जानलेवा हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं। ज्ञापन में ऐसे अधिकारियों पर तत्काल निलंबन और जांच की मांग की गई है।
सीपीआई जिला सचिव शैलेश शुक्ला ने बताया कि सरकारी लेम्प्स (सहकारी समितियों) में खाद नहीं मिलने से किसान मजबूरी में प्राइवेट दुकानों से महंगे दामों पर उर्वरक खरीदने को विवश हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी गोदामों से वितरित खाद के प्रयोगशाला परीक्षण में अमानक पाए जाने की पुष्टि हुई है, जिससे फसलों के नुकसान की आशंका गहराती जा रही है।
सीपीआई और आदिवासी महासभा की प्रमुख मांगें:
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो सीपीआई और आदिवासी महासभा चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सीपीआई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रहे।
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