Ghansyam Sharma / Tue, Jul 8, 2025 / Post views : 211
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
जिले के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में तैनात सुरक्षा गार्ड ने पीएफ (भविष्य निधि) की राशि समय पर जमा न किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर जनदर्शन में लिखित शिकायत सौंपी। पीड़ितों में खूजूर, बीरबल कश्यप समेत कई गार्ड शामिल थे, जिन्होंने रायपुर स्थित एपीजी प्रोटेक्शन एंड इंटेलिजेंस प्रा. लि. कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि वर्ष 2023 में उक्त कंपनी के माध्यम से उन्हें विभिन्न आईटीआई में तैनात किया गया था। वर्तमान में जिले के विभिन्न संस्थानों में कुल 24 सुरक्षाकर्मी कार्यरत हैं, जिन्हें हर माह ₹7020 मानदेय दिया जाता है। इसी में से लगभग ₹1560 प्रतिमाह पीएफ के रूप में काटा जाता है, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई महीनों से यह राशि उनके ईपीएफ खातों में जमा नहीं हुई है।
दोहरे वित्तीय व्यवहार का आरोप
गार्ड ने यह भी खुलासा किया कि आईटीआई संस्थान कंपनी को प्रति सुरक्षाकर्मी ₹14436 का भुगतान कर रहे हैं, जबकि गार्ड को मात्र ₹7020 ही मिल रहा है। बाकी राशि कहां जा रही है, यह स्पष्ट नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे इस विषय में कंपनी से जानकारी मांगते हैं तो उन्हें बार-बार गुमराह किया जाता है या झूठे आश्वासन दिए जाते हैं।
कंपनी की सफाई
जब पत्रकारों ने एपीजी प्रोटेक्शन एंड इंटेलिजेंस से इस विषय में संपर्क किया, तो कंपनी की ओर से बताया गया कि "तकनीकी समस्या के कारण ईपीएफ अपडेट नहीं हो पाया है।" कंपनी ने यह भी दावा किया कि वेतन और पीएफ संबंधी समस्त जानकारी श्रम विभाग को भेज दी गई है।
प्रशासन का भरोसा
कलेक्टर ने पीड़ित सुरक्षाकर्मियों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही श्रम विभाग को निर्देशित किया गया है कि वह कंपनी से जवाब तलब कर संपूर्ण विवरण प्रस्तुत करे।
सवालों के घेरे में कंपनी और व्यवस्था
यह पूरा मामला न केवल निजी सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी उजागर करता है कि ठेकेदारी व्यवस्था में किस तरह से श्रमिकों का शोषण हो रहा है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और श्रम विभाग इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हैं और सुरक्षाकर्मियों को उनका हक दिलाने में कितनी तत्परता दिखाते हैं।
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