Ghansyam Sharma / Sun, Jul 27, 2025 / Post views : 192
रायपुर में बहुद्देशीय सतनामी समाज भवन हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा
रायपुर। पत्रिका लुक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज के अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित सतनामी समाज के नवनिर्वाचित प्रदेश पदाधिकारियों के शपथग्रहण समारोह में शिरकत की। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज के सर्वांगीण विकास का मूलमंत्र है और हमें मिलकर समाज की प्रगति के लिए कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री साय ने समारोह में ऐतिहासिक घोषणा करते हुए राजधानी रायपुर में सतनामी समाज के बहुद्देशीय भवन निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही गिरौदपुरी स्थित मड़वा महल के अधूरे कार्यों की पूर्णता हेतु 50 लाख रुपये की भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 5–5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा करते हुए उन्हें मंच पर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरौदपुरी धाम में कुतुब मीनार से ऊँचा जैतखाम पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में बना, जिससे समाज को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान मिली। उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा गुरु घासीदास जी के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनेगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सतनामी समाज की एकता और कर्मठता उसकी शक्ति है। उन्होंने समाज के पदाधिकारियों को निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने की सलाह दी। साथ ही गिरौदपुरी में भव्य धर्मशाला निर्माण की पहल के लिए समाज के अध्यक्ष एल.एल. कोसले को बधाई दी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने समाज को शिक्षा और सामाजिक एकता के माध्यम से उन्नति की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का प्रतिवर्ष सम्मान होना चाहिए।
खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने समाज को शिक्षा के साथ-साथ उद्योग और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने गिरौदपुरी धाम में ‘गुरु दर्शन’ के उपरांत राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन की जानकारी भी दी।
इस अवसर पर सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक पुन्नूलाल मोहले, गुरु खुशवंत साहेब, अध्यक्ष एल.एल. कोसले सहित कई गणमान्य वक्ताओं ने समाज को शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और असम से पधारे सतनामी समाज के पदाधिकारी, अध्यात्मिक गुरु और प्रतिनिधि, साथ ही साहू, यादव, कुर्मी, आदिवासी समाज के प्रतिनिधिगण भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सोत्रdprcg
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