Ghansyam Sharma / Tue, Jun 3, 2025 / Post views : 164
उप मुख्यमंत्री और वन मंत्री ने माओवाद को बताया क्षेत्र के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा..
जगदलपुर । पत्रिका लुक
बस्तर शांति समिति के तत्वावधान में मंगलवार को जगदलपुर के पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में "माओवाद का विद्रूप चेहरा: बीजिंग से बस्तर तक" विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर में माओवाद के अंत की हुंकार भरी। गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य माओवाद की क्रूर विचारधारा को उजागर करना, इसके खतरनाक प्रभावों से लोगों को अवगत कराना और शांति व विकास की ओर बढ़ते बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करना रहा।
बस्तर का भविष्य अब युवाओं के हाथ में है- विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के नौजवान अब माओवादी विचार को नकारकर विकास और शांति की बात कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए सकारात्मक वातावरण बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने क्षेत्र के लिए सोच रही है। बस्तर का विकास "बस्तर के मॉडल" पर ही होगा, और इसके जल, जंगल, जमीन के असली हकदार यही लोग हैं। उन्होंने माओवादियों द्वारा की गई हिंसक घटनाओं की याद दिलाते हुए कहा कि माओवादी विचारधारा केवल विनाश लाती है – चाहे वह भारत हो या चीन। उन्होंने 1989 की तियानमेन चौक की घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे लोकतंत्र की आवाज को वहां टैंकों से कुचला गया था।
अब बस्तर की वादियों में बजेगा ढोल-मांदर-केदार कश्यप
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तरवासी चार दशक से माओवाद के दंश को झेल रहे हैं, लेकिन अब बदलाव की लहर स्पष्ट दिख रही है। जनता जागरूक हो चुकी है और सरकार मार्च 2026 तक माओवाद के समूल नाश के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि बस्तर अब विकास, शांति और खुशहाली की ओर अग्रसर है।
आईजी सुंदरराज बोले -अब शांति का सूरज उग रहा है
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि 1980 के दशक से फैली नक्सली गतिविधियों ने विकास में बाधा डाली, लेकिन अब सुरक्षा बलों और जनता के सहयोग से बस्तर में शांति का वातावरण बन रहा है।
फिल्म, विचार और दस्तावेज़ – सबने मिलकर दिखाया माओवाद का असली चेहरा
गोष्ठी में फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन, बस्तर सांसद महेश कश्यप, पूर्व विधायक राजा राम तोड़ेम, पत्रकार संघ अध्यक्ष मनीष गुप्ता और अन्य वक्ताओं ने माओवाद की विनाशकारी विचारधारा पर प्रकाश डाला। चीन की तियानमेन चौक की घटना पर आधारित वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया जिसने माओवादी सोच की वास्तविकता को उजागर किया।
कार्यक्रम में कमिश्नर डोमन सिंह, एसपी शलभ सिन्हा समेत बस्तर अंचल के अधिकारी, सामाजिक प्रतिनिधि, पत्रकार और सैकड़ों युवा उपस्थित रहे।
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