Ghansyam Sharma / Thu, Oct 15, 2026 / Post views : 49
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
बस्तर की वर्षों पुरानी ढोकरा शिल्पकला को राष्ट्रीय स्तर पहचान दिलाने वाले बरकई (माकड़ी) निवासी शिल्पकार बन्नू राम बैध का चयन शिल्प गुरु अवार्ड 2025 के लिए हुआ है।
वस्त्र मंत्रालय, विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) नई दिल्ली द्वारा जारी अंतरिम सूची के अनुसार देशभर से कुल 6 शिल्प कारों का चयन हुआ है, जिसमें छत्तीसगढ़ से एकमात्र बैध का नाम है। केंद्रीय चयन समिति की 18 जुलाई को हुई बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी।

शिल्प गुरु अवार्ड हस्तशिल्प क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान है। इसके तहत 2 लाख रुपये नकद, स्वर्ण सिक्का, ताम्रपत्र, शॉल और अंगवस्त्रम प्रदान किया जाता है।
कोंडागांव को ‘शिल्प नगरी’ कहा जाता है, जहाँ 500 से अधिक परिवार ढोकरा कला से जुड़े हैं। बन्नू राम लॉस्ट-वैक्स तकनीक से आदिवासी जीवन, देवी-देवता और प्रकृति पर आधारित कलाकृतियाँ बनाते हैं।
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