Ghansyam Sharma / Fri, Mar 20, 2026 / Post views : 277
फरसगांव। पत्रिका लुक
बस्तर अंचल के जंगलों में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ वन विभाग को एक बड़ी सफलता मिली है। फरसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग पर तेन्दुआ खाल की अवैध बिक्री करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार 19 मार्च 2026 को मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के बाद रायपुर की उड़नदस्ता टीम एवं केशकाल वनमंडल के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की योजना बनाई। वन विभाग ने चालाकी से एक कर्मचारी को ग्राहक बनाकर आरोपियों से संपर्क कराया और खाल खरीदने का सौदा तय किया।
निर्धारित स्थान ग्राम बैलगांव के पास आरोपी मोटरसाइकिल (CG 04DK 0533) में बोरी में बंद तेन्दुआ खाल लेकर पहुंचे, जबकि पीछे से ईको वाहन (CG 17KZ 2755) में उनके अन्य साथी भी मौजूद थे। जैसे ही सौदा होने की स्थिति बनी, वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर सभी को मौके पर ही पकड़ लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने लगभग 7 माह पूर्व भरमार बंदूक से तेन्दुए का शिकार किया था। शिकार के बाद खाल को सुखाकर ऊंचे दामों में बेचने की तैयारी की जा रही थी। जब्त खाल की लंबाई 195 सेमी एवं चौड़ाई 45 सेमी पाई गई है।
इस मामले में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आगे की जांच में मुख्य आरोपी को नारायणपुर जिले के ग्राम बोरावण्ड से गिरफ्तार कर उसके पास से एक भरमार बंदूक भी बरामद की गई है।
वन विभाग ने तेन्दुआ खाल, मोटरसाइकिल, ईको वाहन और हथियार जब्त कर सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पूरी कार्रवाई वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम के निर्देशन में, उप वनमंडलाधिकारी एन.के. सिन्हा एवं परिक्षेत्र अधिकारी आर.एस. यादव के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय तस्करों के बीच सख्त संदेश गया है।
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