Ghansyam Sharma / Mon, Aug 25, 2025 / Post views : 188
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
अंधविश्वास की भेंट चढ़कर कोण्डागांव जिले के ग्राम मड़ानार में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हत्या कर दी गई। देव-भूत का शक पाले बैठे गांव के एक युवक ने 24 अगस्त 2025 को महिला को पहले हाथ-मुक्के और लात से पीटा और फिर साड़ी से गला घोंटकर उसकी जान ले ली। घटना की जानकारी मिलते ही कोण्डागांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को चंद घंटे में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया।
घटना का विवरण
मृतका की बहू ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि गांव का युवक लंबे समय से उसके परिवार पर देव-भूत करने का आरोप लगाता था। आरोपी का कहना था कि उसके पैर में 4-5 वर्षों से घाव है, जो ठीक नहीं हो रहा है और इसकी वजह मृतका द्वारा किए गए टोटके हैं। इसी अंधविश्वास के चलते वह अक्सर महिला से विवाद करता था। 24 अगस्त को मौका पाकर उसने अकेली महिला पर हमला किया और उसकी हत्या कर दी।
पुलिस की तत्परता
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वाय. अक्षय कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल और एसडीओपी रूपेश कुमार के पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। आरोपी को कुछ ही देर में गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपराध करना स्वीकार किया।
अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता
जिला प्रशासन और राज्य सरकार लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चला रही है कि किसी भी बीमारी या घटना को देव-भूत या टोटका से न जोड़ा जाए। स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग समय-समय पर शिविर और प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को समझाते हैं कि अंधविश्वास एक सामाजिक बुराई है। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि ग्रामीण इलाकों में अभी भी अंधविश्वास की गहरी जड़ें मौजूद हैं।
पुलिस अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की बीमारी या समस्या को अंधविश्वास से न जोड़ें। ऐसे मामलों में तुरंत चिकित्सक से उपचार लें और गांव-समाज में फैली अफवाहों पर ध्यान न दें।
इस हत्याकांड ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर किया है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी ढंग से गांव-गांव तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि भविष्य में निर्दोष लोगों की जान अंधविश्वास की भेंट न चढ़े
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