Ghansyam Sharma / Mon, Jul 13, 2026 / Post views : 78
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने बस्तर अंचल की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाया। उन्होंने कोंडागांव जिले में शासकीय B.Ed. एवं D.Ed. कॉलेज की स्थापना तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग करते हुए सरकार से ठोस पहल करने का आग्रह किया।
सदन में चर्चा के दौरान विधायक लता उसेंडी ने कहा कि कोंडागांव सहित पूरे बस्तर संभाग के हजारों विद्यार्थियों को शिक्षक प्रशिक्षण के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। जिले में शासकीय B.Ed. और D.Ed. कॉलेज नहीं होने से विद्यार्थियों को आर्थिक, आवासीय और अन्य व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिले में ऐसे संस्थानों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और क्षेत्र में प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
विधायक ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अपेक्षित स्तर पर क्रियान्वयन नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत प्रस्तावित इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) को शीघ्र शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे शिक्षक प्रशिक्षण आधुनिक एवं राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सकेगा।
लता उसेंडी ने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और युवाओं को रोजगारोन्मुख अवसर उपलब्ध कराना है। बस्तर जैसे आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्र में इसका प्रभावी क्रियान्वयन विशेष रूप से आवश्यक है। उन्होंने सरकार से शिक्षक शिक्षा संस्थानों का विस्तार करने और विश्वविद्यालय स्तर पर नई शिक्षा नीति को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की।
सदन में उठाए गए इस मुद्दे को बस्तर क्षेत्र के विद्यार्थियों, युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना जा रहा है।
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